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ट्रेनिंग मिली लेकिन नौकरी नहीं! PMKVY में सिर्फ 7% Placement ने खोली रोजगार की बड़ी खाई

ट्रेनिंग मिली लेकिन नौकरी नहीं! PMKVY में सिर्फ 7% Placement ने खोली रोजगार की बड़ी खाई

ट्रेनिंग मिली, लेकिन नौकरी कहां? PMKVY में सिर्फ 7% Placement ने खोली Skill और Job के बीच की खाई

देश के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने वाली प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) एक बार फिर चर्चा में है। ताजा सरकारी डैशबोर्ड के आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, PMKVY के तहत प्रशिक्षित करीब 28.5 लाख उम्मीदवारों में सिर्फ 2 लाख से कुछ ज्यादा के placements दर्ज हुए हैं, जो लगभग 7% बैठता है।

ट्रेनिंग और नौकरी के बीच बड़ा अंतर

PMKVY का उद्देश्य युवाओं को उद्योग की जरूरत के मुताबिक skills देकर उनकी employability बढ़ाना है। लेकिन ताजा आंकड़े यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या सिर्फ skill training युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए पर्याप्त है?

रिपोर्ट के अनुसार इसी डेटा में 19% से ज्यादा उम्मीदवारों के dropout होने की बात भी सामने आई है। यानी एक तरफ बड़ी संख्या में युवाओं को training दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ training पूरी करने और वास्तविक रोजगार तक पहुंचने के बीच अंतर दिखाई दे रहा है।

क्या PMKVY पूरी तरह फेल है?

यहां तस्वीर थोड़ी अलग है। सरकार ने मार्च 2026 में संसद में बताया था कि PMKVY 1.0, 2.0 और 3.0 के Short-Term Training component में 56.89 लाख certified candidates में 24.3 लाख placements रिपोर्ट किए गए थे—यानी इन पुराने संस्करणों में placement rate 42.8% था।

वहीं PMKVY 4.0 में placement tracking का तरीका बदला गया है। सरकार के मुताबिक 2025 की third-party evaluation में STT candidates के employed या self-employed होने का संयुक्त हिस्सा training से पहले 26.6% से बढ़कर training के बाद 45.4% हुआ।

अब नई नौकरियों पर फोकस

PMKVY 4.0 में सरकार ने पारंपरिक courses के साथ Artificial Intelligence, semiconductors, electronics, green energy, electric vehicles, drones, cybersecurity और robotics जैसे नए क्षेत्रों पर जोर दिया है। जून 2026 तक करीब 5.44 लाख युवाओं को new-age और futuristic job roles में training दी जा चुकी थी।

असली सवाल क्या है?

आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत के सामने चुनौती सिर्फ युवाओं को training देने की नहीं, बल्कि training को स्थायी रोजगार, बेहतर वेतन और career growth में बदलने की है।

यानी सवाल अब यह नहीं कि कितने युवाओं को skill सिखाई गई, बल्कि यह है—skill सीखने के बाद कितनों को सच में काम मिला?


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