नोट डबलिंग का खेल: हरियाणा पुलिस और बिहार STF की समस्तीपुर में बड़ी रेड, ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश
- byAman Prajapat
- 21 January, 2026
समस्तीपुर की शांत गलियों में जो खेल चल रहा था, वह दिखने में सपनों जैसा था —
“पैसा दो, पैसा दोगुना लो।”
लेकिन असलियत में यह सपनों की नहीं, सरेआम लूट की फैक्ट्री थी।
हरियाणा पुलिस और बिहार STF की संयुक्त टीम ने जैसे ही समस्तीपुर में दबिश दी, नोट डबलिंग के नाम पर चल रहे एक संगठित ठगी नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। यह कोई छोटा-मोटा जुगाड़ नहीं था, बल्कि योजनाबद्ध अपराध, जिसमें भोले-भाले लोगों की मेहनत की कमाई को लालच के जाल में फँसाकर उड़ाया जा रहा था।
🔍 क्या है “नोट डबलिंग” का खेल?
नोट डबलिंग ठगी कोई नई चीज़ नहीं है। यह वही पुराना धोखा है, जिसे हर पीढ़ी में नए चेहरे और नए तरीकों से पेश किया जाता है।
ठग दावा करते हैं कि वे किसी खास केमिकल, पूजा-पाठ, मशीन या “गुप्त तकनीक” से नोटों को दोगुना कर सकते हैं।
असल में होता यह है कि
पीड़ित से मोटी रकम ली जाती है
दिखावे के लिए कुछ नोट “डबल” करके दिखाए जाते हैं
फिर सही मौका देखकर पूरा पैसा लेकर आरोपी फरार
🚨 कैसे हुई इस रैकेट की पहचान?
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा में दर्ज एक ठगी के मामले की जांच करते-करते पुलिस की कड़ी समस्तीपुर तक जा पहुँची। कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और पीड़ितों के बयान जोड़ने पर साफ हो गया कि इस गिरोह की जड़ें बिहार में गहरी हैं।
इसके बाद हरियाणा पुलिस ने बिहार STF से संपर्क किया और संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनी।
🏠 समस्तीपुर में रेड: अंदर क्या मिला?
जब पुलिस टीम ने चिन्हित ठिकानों पर छापा मारा, तो वहां से बरामद हुए—
बड़ी मात्रा में नकद
नोटों की गिनती और पैकिंग का सामान
संदिग्ध केमिकल
कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड
ठगी से जुड़े दस्तावेज़
अलग-अलग राज्यों के पीड़ितों की लिस्ट
यह साफ था कि यह गिरोह सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था।
👥 कौन होते हैं शिकार?
इस तरह की ठगी का सबसे बड़ा निशाना होते हैं—
छोटे व्यापारी
बेरोजगार युवक
जल्दी अमीर बनने का सपना देखने वाले लोग
आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार
लालच नहीं, मजबूरी अक्सर इंसान को फँसाती है — और ठग इसी कमजोरी पर वार करते हैं।
🧩 पुलिस की रणनीति: साइलेंट वर्क, हार्ड एक्शन
इस पूरे ऑपरेशन में सबसे खास बात रही पुलिस की रणनीति।
कोई शोर नहीं, कोई जल्दबाज़ी नहीं —
बस पुख्ता सबूत, सही समय और सीधा वार।
हरियाणा पुलिस की जांच और बिहार STF की स्थानीय पकड़ ने मिलकर इस गिरोह को चारों खाने चित कर दिया।

⚖️ आगे क्या?
फिलहाल—
कई आरोपियों से पूछताछ जारी है
बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच हो रही है
अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है
पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
🛑 आम जनता के लिए चेतावनी
आज भी वही पुराना सच लागू होता है—
कोई भी पैसा यूँ ही दोगुना नहीं होता।
अगर कोई आपको—
नोट डबल करने का दावा करे
चमत्कार या गुप्त तकनीक की बात करे
जल्दी अमीर बनने का शॉर्टकट दिखाए
तो समझ लीजिए, खतरे की घंटी बज चुकी है।
✍️ निष्कर्ष
समस्तीपुर की यह रेड सिर्फ एक कार्रवाई नहीं थी,
यह एक संदेश था —
कि चाहे ठगी कितनी भी शातिर क्यों न हो, कानून देर से सही, लेकिन दरवाज़ा ज़रूर खटखटाता है।
पुराने ज़माने के ठग नए ज़माने की तकनीक इस्तेमाल कर रहे हैं,
लेकिन पुलिस भी अब हाथ पर हाथ रखकर बैठने वाली नहीं।
खेल खत्म हो रहा है — और यह अच्छी खबर है।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
राजस्थान में अपराधों...
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