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सोना-चांदी रिकॉर्ड तोड़ कीमतें | आम आदमी पर क्या असर? | शादी-ब्याह पर संकट

सोना-चांदी रिकॉर्ड तोड़ कीमतें | आम आदमी पर क्या असर? | शादी-ब्याह पर संकट

⚡ सोने-चांदी के भाव आसमान छू रहे हैं, इतिहास रच दिया
भारतीय बाजार में सोने-चांदी के दामों ने आज नया रिकॉर्ड बना दिया। मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को सोना पहली बार प्रति 10 ग्राम 1.5 लाख रुपये के पार चला गया। इसी दिन चांदी ने भी इतिहास रचते हुए 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया।

📈 सोना-चांदी के ताज़ा भाव (20 जनवरी 2026)
नीचे दी गई तालिका में सोने और चांदी के विभिन्न रूपों के आज के ऐतिहासिक भाव और उनमें हुई तेजी को देखा जा सकता है:

धातु / वजन / कैरेट आज का भाव (रुपये में) परिवर्तन (लगभग) टिप्पणी
सोना (MCX पर) 10 ग्राम 1,52,500 +6,861 पहली बार 1.5 लाख के पार
सोना (24 कैरेट) 10 ग्राम 1,46,380 +2,434 IBJA के अनुसार
सोना (22 कैरेट) 10 ग्राम 1,42,286 - IBJA के अनुसार
चांदी (MCX पर) 1 किलो 3,27,998 +17,723 नया ऑल-टाइम हाई
चांदी (1 किलो) 3,04,863 +10,888 घरेलू बाजार में खुला भाव
📰 खबर की मुख्य बातें
सोने ने रचा इतिहास: सोना पहली बार 10 ग्राम के लिए 1.5 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर के पार चला गया। जनवरी महीने की शुरुआत के मुकाबले अब तक इसमें लगभग 17,000 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।

चांदी ने पलटा सारा रिकॉर्ड: चांदी ने दो लाख से तीन लाख रुपये प्रति किलो तक का सफर महज 38 दिनों में पूरा कर लिया। एक दिन पहले ही इसने 3 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था।

घरेलू बाजार पर असर: इंदौर जैसे शहरों के स्थानीय सर्राफा बाजार में सोना 4,500 रुपये और चांदी 25,000 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड: वैश्विक बाजार (COMEX) में भी सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस और चांदी 95 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई है।

🧐 इस अचानक आई तेजी के पीछे के कारण
विशेषज्ञ और बाजार रिपोर्ट्स मुख्य रूप से चार बड़े कारण बता रही हैं:

भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच ग्रीनलैंड मुद्दे और व्यापार युद्ध की आशंकाओं ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इससे निवेशक सुरक्षित माने जाने वाली संपत्तियों (सोना-चांदी) की ओर भाग रहे हैं।

सुरक्षित निवेश की मांग: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अपना पैसा बचाने के लिए सोने-चांदी में पूंजी लगा रहे हैं।

चांदी की औद्योगिक मांग: चांदी की तेजी का एक बड़ा कारण सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में इसकी बढ़ती खपत है। आपूर्ति में कमी के साथ मांग बढ़ने से दबाव बना है।

रुपये की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी भारत में इन धातुओं के आयात को महंगा कर रही है।

🤔 अब क्या करें: खरीदें, बेचें या रुकें?
इतने ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों के मन में यही सवाल है। कुछ विशेषज्ञों की सलाह इस प्रकार है:

भौतिक सोने-चांदी के विकल्प: इतनी ऊंची कीमतों पर भौतिक धातु खरीदने के बजाय सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) या सिल्वर ETF जैसे डिजिटल विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। इनमें शुद्धता और भंडारण की चिंता नहीं रहती।

सतर्कता बरतें: बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम अभी भी बना हुआ है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस समय सतर्कता के साथ फैसला लेना ही समझदारी होगी।

लंबी अवधि का नजरिया: जो लंबी अवधि के निवेशक हैं, वे छोटी-छोटी किस्तों में निवेश (SIP की तरह) करके इस जोखिम को कम कर सकते हैं।

निवेश से पहले ध्यान रखें: बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। खरीदारी करते समय याद रखें कि ज्वैलरी के दाम में जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ते हैं।
🔥 सोना-चांदी के दाम आसमान पर, आम आदमी का बजट धराशायी!
💔 "बेटी की शादी का सपना फिर टला" - एक पिता की आहट
"जब सुबह अखबार में सोने का भाव देखा तो सीने में हल्की सी चुभन हुई। सोचा था इस साल बेटी राधिका के लिए दो तोले गहने बनवाएंगे। पर आज सोना 1.5 लाख के पार... मेरी साल भर की बचत तो बस एक तोले में ही खत्म हो जाएगी।" - रमेश शर्मा (48), छोटा दुकानदार, इंदौर

यह सिर्फ रमेश जी की कहानी नहीं है। देश के कोने-कोने में आज लाखों पिताओं के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। वो माताएं जो अपनी बेटी के हाथ पीले करने का सपना संजोए थीं, आज उनकी आंखें नम हैं। भारतीय परिवारों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा है सोना, और आज यही भावना टूटती नज़र आ रही है।

📉 ऊंचे भाव, गहरे ज़ख्म: आम आदमी पर क्या बीत रही है?
मध्यमवर्गीय परिवारों की मजबूरी
शादी-विवाह के मौसम में सन्नाटा: फरवरी-मार्च में शादियों का सीजन शुरू होता है, लेकिन इस बार मंडप सजेंगे या सूनें रहेंगे, यह सवाल हर किसी के ज़हन में है।

छोटी-छोटी ज़रूरतें अधूरी: पुराने गहने गिरवी रखकर नए खरीदने की परंपरा भी अब मुश्किल में। भूमिगत साहूकारों का चक्र फिर से सक्रिय होने लगा है।

गरीब तबके का दर्द
मजदूर की कमाई का हिसाब:

सोने का 1 ग्राम = 15,250 रुपये

एक दिहाड़ी मजदूर की औसत दैनिक कमाई = 400-500 रुपये

निष्कर्ष: सिर्फ 1 ग्राम सोना खरीदने के लिए एक मजदूर को लगभग 30-35 दिन काम करना पड़ेगा!

चांदी के बर्तनों का सपना टूटा: गांव-देहात में नई बहू के लिए चांदी के बर्तन लाने की परंपरा अब केवल किस्से-कहानियों तक सीमित होती जा रही है।

🗣️ "यह तो मध्यमवर्ग पर हमला है!" - जनता का गुस्सा
सोशल मीडिया पर आज हर दूसरा पोस्ट सोने-चांदी के भाव पर चर्चा कर रहा है। #SonaMahangaHai और #MiddleClassCrisis ट्रेंड कर रहे हैं। कुछ आवाजें:

"सरकार सोने पर कम कर लगाए, गरीब की बेटी की शादी में मदद करे!" - ट्विटर यूजर @IndianPapa

"पहले पेट्रोल, अब सोना... जीना हराम कर दिया है!" - फेसबुक कमेंट

"हमारी पुरानी पीढ़ी ने जो गहने खरीदे थे, वो आज के हिसाब से किसी खजाने से कम नहीं!" - व्हाट्सएप फॉरवर्ड

⚖️ अमीर vs गरीब: बढ़ती खाई का सच
जबकि आम आदमी अपनी ज़रूरतों के लिए तरस रहा है, बाजार के जानकार बता रहे हैं कि अमीरों का निवेश बढ़ा है:

वर्ग प्रभाव भावनात्मक स्थिति
मध्यम वर्ग शादी-ब्याह, त्योहारों पर असर चिंता, निराशा, कुंठा
निम्न वर्ग बुनियादी गहनों से वंचित हताशा, समाजिक दबाव
उच्च वर्ग निवेश के अवसर बढ़े उत्साह, लाभ कमाने की उम्मीद
💡 क्या है समाधान? जनता क्या चाहती है?
सरकार हस्तक्षेप करे: जनता की मांग है कि सरकार सोने पर आयात शुल्क कम करे या विवाह के लिए विशेष योजना बनाए।

 


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