ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर रोक से इनकार: NGT ने बताया ‘रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण’
- bykrish rathore
- 17 February, 2026
भारत की महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को बड़ी राहत मिली है। National Green Tribunal (NGT) ने Great Nicobar Island पर प्रस्तावित मेगा पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परियोजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में इस परियोजना को “रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण” बताया है, हालांकि पर्यावरणविदों द्वारा उठाई गई चिंताओं को भी स्वीकार किया।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के तहत एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, टाउनशिप विकास और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण प्रस्तावित है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना भारत की समुद्री शक्ति को मजबूत करेगी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी।
ग्रेट निकोबार द्वीप मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जो विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित करने से भारत को वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है। प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट से भारत को विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और समुद्री व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस परियोजना को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। ग्रेट निकोबार द्वीप जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र है, जहां घने वन, प्रवाल भित्तियां और कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य से वनों की कटाई, प्राकृतिक आवासों को नुकसान और पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
NGT के समक्ष दायर याचिकाओं में परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृतियों और प्रभाव आकलन पर सवाल उठाए गए थे। हालांकि ट्रिब्यूनल ने परियोजना पर रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि सभी पर्यावरणीय शर्तों और नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील होने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है। सरकार का दावा है कि परियोजना को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप लागू किया जाएगा और संभावित नुकसान को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर बहस अभी जारी है। एक ओर इसे आर्थिक विकास और रणनीतिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण की चिंता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में इस परियोजना का क्रियान्वयन यह तय करेगा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन किस तरह स्थापित किया जाता है।

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"इको-फ्रेंडली इनोवेश...
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