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उड़ान योजना पर सियासी घमासान: अशोक गहलोत ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल

उड़ान योजना पर सियासी घमासान: अशोक गहलोत ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल

राजस्थान की चर्चित ‘उड़ान’ योजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने वर्तमान Bhajan Lal Sharma सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस योजना के तहत वितरित किए जा रहे सैनिटरी नैपकिन की गुणवत्ता बेहद खराब है। उन्होंने इसे महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

‘उड़ान’ योजना का उद्देश्य राज्य की छात्राओं और महिलाओं को मुफ्त या सस्ती दरों पर सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराना है, ताकि मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा सके और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

Ashok Gehlot ने आरोप लगाया कि इस योजना के तहत बांटे जा रहे नैपकिन न केवल निम्न गुणवत्ता के हैं, बल्कि उनके इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

वहीं, Bhajan Lal Sharma के नेतृत्व वाली सरकार पर विपक्ष लगातार दबाव बना रहा है कि वह इस मामले में पारदर्शिता बरते और सच्चाई सामने लाए। गहलोत ने मांग की है कि एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसमें भ्रष्टाचार या अनियमितता तो नहीं हुई है।

सरकार की ओर से अभी तक इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा तेजी से गरमाता जा रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता होगी, बल्कि इससे लाखों लड़कियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। घटिया उत्पादों का उपयोग संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, जिससे योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो जाता है।

निष्कर्ष रूप में, ‘उड़ान’ योजना से जुड़ा यह विवाद राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। आने वाले समय में जांच और सरकारी प्रतिक्रिया इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी। तब तक, यह जरूरी है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए।

CM Bhajanlal accuses opposition of inaction on paper leaks
उड़ान योजना पर सियासी घमासान: अशोक गहलोत ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल

 


 


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