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जयपुर सैठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन, फायर चीफ सस्पेंड

जयपुर सैठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन, फायर चीफ सस्पेंड

जयपुर के सैठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन, फायर चीफ सस्पेंड; सरकार ने बैठाई जांच

जयपुर: राजधानी जयपुर के पुरोहित जी का कटला स्थित सैठी कॉम्प्लेक्स में 17 सितंबर को लगी भीषण आग के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। आग में कॉम्प्लेक्स की 18 दुकानें नष्ट हो गई थीं। घटना के बाद सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और जयपुर नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र कुमार मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

आग ने मचाई थी भारी तबाही

17 सितंबर की सुबह पुरोहित जी का कटला के मणिहारी बाजार स्थित सैठी कॉम्प्लेक्स में आग लगी थी। शुरुआती रिपोर्टों में आग से दो दर्जन से अधिक दुकानों के प्रभावित होने की बात सामने आई थी, जबकि बाद की सरकारी कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट में 18 दुकानों के नष्ट होने का उल्लेख है। आग पर काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में दमकल वाहन और कर्मचारी कई घंटे तक जुटे रहे।

आग की वजह से कपड़े, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक सामान और लाख की चूड़ियों समेत बड़ी मात्रा में व्यापारिक सामान जल गया। संकरी गलियों और बाजार की भीड़भाड़ के कारण दमकल कर्मियों को राहत एवं बचाव अभियान में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

फायर चीफ देवेंद्र कुमार मीणा निलंबित

राज्य सरकार ने घटना के बाद जयपुर नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार मीणा को निलंबित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके खिलाफ कथित अनियमितताओं, लापरवाही और विभागीय आदेशों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर कार्रवाई की गई है। मामले में AFO कुलदीप की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है।

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। समिति की अध्यक्षता स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त निदेशक करेंगे। इसमें विभाग के मुख्य अभियंता और उदयपुर नगर निगम के CFO को भी शामिल किया गया है।

समिति को सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि:

भवन का स्वीकृत नक्शा और वास्तविक उपयोग क्या था।

फायर NOC और सुरक्षा प्रमाणपत्र मौजूद थे या नहीं।

पहले भवन का निरीक्षण कब-कब किया गया।

क्या पूर्व में कोई नोटिस जारी किया गया था।

फायर फाइटिंग सिस्टम उपलब्ध और चालू था या नहीं।

छत पर बन रहे रेस्तरां को आवश्यक अनुमति और NOC मिली थी या नहीं।

इमारत में कोई अनधिकृत बदलाव या अतिरिक्त निर्माण हुआ था या नहीं।

जांच में सामने आया निर्माण से जुड़ा मामला

आग के बाद सैठी कॉम्प्लेक्स की इमारत में निर्माण गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठे। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स की ऊपरी मंजिल पर करीब चार महीने से बार और रेस्तरां का निर्माण चल रहा था। जयपुर नगर निगम आयुक्त ने इसे अनधिकृत निर्माण बताया और भवन मालिक को नोटिस जारी करने तथा आगे की कार्रवाई की बात कही।

फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी उठे सवाल

घटना के बाद बाजार में मौजूद फायर सेफ्टी इंतजामों की स्थिति भी जांच के केंद्र में है। रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए 14 फायर हाइड्रेंट काम नहीं कर रहे थे। प्रशासन अब इन व्यवस्थाओं की स्थिति और उनके रखरखाव की भी जांच कर रहा है।

वहीं, पुलिस ने भी मामले में जांच शुरू की है। आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई गई थी, जबकि निर्माण कार्य के दौरान वेल्डिंग और बिजली से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

अब जांच रिपोर्ट का इंतजार

सैठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड के बाद सरकार की कार्रवाई से मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग से पहले और आग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में क्या कमियां थीं और इसके लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी बनती है।

नोट: आग के कारण और प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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