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Rajasthan Solar Project: बीकानेर में 72.5 MW सोलर प्रोजेक्ट शुरू, बनेगी 166 मिलियन यूनिट ग्रीन एनर्जी

Rajasthan Solar Project: बीकानेर में 72.5 MW सोलर प्रोजेक्ट शुरू, बनेगी 166 मिलियन यूनिट ग्रीन एनर्जी

Rajasthan Solar Project: बीकानेर में शुरू हुआ 72.5 MW का सोलर प्रोजेक्ट, हर साल बनेगी 166 मिलियन यूनिट ग्रीन एनर्जी

बीकानेर। राजस्थान के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। Tata Power Renewable Energy Limited (TPREL) ने बीकानेर के कालासर में 72.5 MW का कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह परियोजना Tata Steel के लिए विकसित की गई है और इससे कंपनी को ग्रीन एनर्जी की आपूर्ति की जाएगी।

हर साल 166 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान

कंपनी के मुताबिक यह सोलर प्रोजेक्ट सालाना करीब 166 मिलियन यूनिट (MUs) ग्रीन एनर्जी पैदा कर सकता है। इससे Tata Steel की अक्षय ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और उसके डिकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

1.18 लाख टन से ज्यादा कार्बन उत्सर्जन में कमी

इस प्रोजेक्ट से हर साल करीब 1,18,856 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलने का अनुमान है। ऐसे में यह परियोजना सिर्फ बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि औद्योगिक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

1.71 लाख से ज्यादा सोलर मॉड्यूल लगाए गए

72.5 MW के इस प्रोजेक्ट में 1,71,360 सोलर मॉड्यूल लगाए गए हैं। इन मॉड्यूल का निर्माण TP Solar Limited ने किया है। परियोजना से बनने वाली बिजली Tata Steel को TP Vardhman Surya Limited के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी।

राजस्थान क्यों बन रहा सोलर एनर्जी का बड़ा केंद्र?

राजस्थान में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। राज्य में लंबे समय तक तेज धूप और बड़े भू-भाग की उपलब्धता के कारण यहां सोलर पावर प्रोजेक्ट्स का विस्तार लगातार हो रहा है।

बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान के दूसरे इलाके भी बड़े अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं।

Tata Power की रिन्यूएबल क्षमता भी बढ़ी

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद TPREL की कुल renewable utility capacity 12.3 GW तक पहुंच गई है। कंपनी के अनुसार इसमें करीब 7 GW क्षमता operational है, जबकि लगभग 5.3 GW परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में हैं।

राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?

राजस्थान में ऐसे बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स से राज्य की renewable energy पहचान और मजबूत हो सकती है। साथ ही उद्योगों को पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और clean energy की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है।

The world's largest 4000 MW solar park will be built on 8 thousand hectares of Poogal, 712 crore units of electricity will be produced annually
Tata Power की रिन्यूएबल क्षमता भी बढ़ी

निष्कर्ष

बीकानेर के कालासर में शुरू हुआ 72.5 MW का सोलर प्रोजेक्ट राजस्थान के renewable energy सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे हर साल 166 मिलियन यूनिट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का अनुमान है और करीब 1.18 लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

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