Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, CM भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने को कहा

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, CM भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने को कहा

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, CM भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने को कहा

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 26 सितंबर को प्रतापगढ़ में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया। बैठक में हालिया नगर निकाय चुनावों के बाद संगठन को पंचायत चुनावों के लिए सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर तैयारियां मजबूत करने पर चर्चा हुई।

कार्यकर्ताओं के साथ बैठक

रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने और आगामी पंचायत चुनावों के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने हालिया नगर निकाय चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए पंचायत चुनावों के लिए भी इसी तरह संगठनात्मक स्तर पर काम करने की बात कही।

इससे एक दिन पहले उदयपुर में भी मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक की थी। बैठक में उदयपुर संभाग के सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर रणनीति और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर चर्चा हुई।

पंचायत चुनाव को लेकर संगठन पर फोकस

राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के बाद अब राजनीतिक गतिविधियों का फोकस ग्रामीण स्थानीय निकायों की ओर बढ़ रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी 25 सितंबर को राजस्थान में पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की थी। इस दौरान आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए बेहतर समन्वय और स्पष्ट रणनीति के साथ काम करने पर जोर दिया गया।

चुनाव प्रक्रिया को लेकर आयोग की तैयारी

पंचायत चुनावों से जुड़ी प्रशासनिक तैयारियां भी सामने आ रही हैं। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने 27 सितंबर को निर्देश जारी कर सरकारी कर्मचारियों, स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और कुछ अन्य सरकारी संस्थाओं से जुड़े लोगों को पंचायत चुनावों में पोलिंग एजेंट नियुक्त किए जाने से रोक दिया है। आयोग ने यह कदम चुनाव में उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को समान अवसर देने के उद्देश्य से बताया है।

इस बीच पंचायत चुनाव की तारीखों और विस्तृत कार्यक्रम को लेकर आगे आने वाले आधिकारिक निर्देशों पर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजर बनी हुई है।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: