Phuket-Delhi Flight: पायलट के डोप टेस्ट के बाद मचा हड़कंप, यात्री ने सुनाई खौफनाक आपबीती
- bypari rathore
- 12 August, 2026
फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में पायलट के डोप टेस्ट पर सवाल, यात्री ने सुनाई खौफनाक आपबीती
नई दिल्ली: फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में हुई घटना ने विमान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्लाइट में अचानक जोरदार झटके लगने के बाद कई यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हो गए थे। घटना के बाद पायलट के डोप टेस्ट में कथित तौर पर गांजे के सेवन की पुष्टि होने की बात सामने आई है।
इस घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों के अनुभव भी सामने आ रहे हैं। एक यात्री ने उस दौरान के डरावने पलों को याद करते हुए बताया कि विमान में अचानक ऐसी स्थिति बनी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
अचानक विमान में आया तेज झटका
यात्री के मुताबिक, फ्लाइट के करीब दो घंटे बाद तक सब कुछ सामान्य था। नाश्ता परोसा जा चुका था और कई यात्री आराम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बहुत तेज आवाज के साथ विमान को जोरदार झटका लगा।
यात्री ने बताया कि वह अपने भाई के साथ बैठा था और दोनों की आंखें बंद थीं। अचानक विमान के झटके से उसका भाई कई बार सीट से ऊपर उठकर विमान की छत से जा टकराया। इस दौरान आसपास मौजूद सामान भी इधर-उधर गिरने लगा।
घटना के बाद विमान में चीख-पुकार मच गई। कुछ यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हो गए और लोग मदद के लिए आवाज लगाने लगे।
यात्री ने पहले ही जताया था शक
यात्री ने बताया कि एयरपोर्ट से रवाना होते समय उसे पायलट के व्यवहार को लेकर कुछ असामान्य महसूस हुआ था। उसने इस बारे में अपने भाई से भी बात की थी।
उसका कहना है कि बाद में जब पायलट के डोप टेस्ट में गड़बड़ी की खबर सामने आई तो उसे लगा कि उसका शुरुआती शक सही था। हालांकि, उस समय उसके पास ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं था जिसके आधार पर वह फ्लाइट में सवार होने से इनकार कर सके।
पायलट के व्यवहार पर भी उठे सवाल
यात्री ने दावा किया कि घटना के बाद पायलट कॉकपिट से बाहर आया और यात्रियों से वीडियो बनाने से बचने के लिए कहा। यात्री के मुताबिक, उस समय लोगों की प्राथमिकता अपनी सुरक्षा और घायल यात्रियों को मदद दिलाना थी।
यात्री ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी गंभीर स्थिति के बाद विमान को किसी नजदीकी एयरपोर्ट पर उतारने के बजाय दिल्ली ले जाने का फैसला क्यों किया गया।
लखनऊ में लैंडिंग को लेकर भी हुई चर्चा
यात्री के अनुसार, घटना के बाद लखनऊ में लैंडिंग की संभावना पर भी बात हुई थी। लेकिन बाद में दिल्ली जाने का फैसला किया गया। यात्री ने सवाल उठाया कि ऐसी आपात स्थिति में मेडिकल सुविधाओं और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाना चाहिए था।
यात्री का आरोप है कि इस मामले में तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
फ्लाइट में कितने लोग थे?
बताया गया है कि इस फ्लाइट में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर्स सवार थे। घटना में 20 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद पायलट के डोप टेस्ट को लेकर भी जांच शुरू हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पायलट के दोनों डोप टेस्ट में कथित तौर पर पॉजिटिव परिणाम सामने आए और गांजे के सेवन की बात कही गई है।
अब सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले ने एयरलाइन और एविएशन सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पायलट के खिलाफ डोप टेस्ट में गंभीर नतीजे सामने आए हैं, तो वह कॉकपिट तक कैसे पहुंचा और उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली?
इसके अलावा घटना के दौरान लिए गए फैसलों और इमरजेंसी प्रोटोकॉल के पालन की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। यात्रियों के बयान और आधिकारिक जांच से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में यात्रियों के बताए अनुभव और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर जानकारी दी गई है। पायलट की मेडिकल स्थिति, घटना के कारण और सुरक्षा प्रक्रियाओं से जुड़े अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
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