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LPG Cylinder Shortage: सरकार का बड़ा प्लान, 21 रिफाइनरियों के लिए तय हुआ LPG Production Quota

LPG Cylinder Shortage: सरकार का बड़ा प्लान, 21 रिफाइनरियों के लिए तय हुआ LPG Production Quota

LPG सिलेंडर की सप्लाई मजबूत करने के लिए सरकार का बड़ा प्लान, 21 कंपनियों के लिए तय हुआ उत्पादन टारगेट

अगर आप LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। देश में रसोई गैस की सप्लाई को ज्यादा सुरक्षित और स्थिर बनाने के लिए सरकार ने LPG उत्पादन को लेकर बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने पहली बार सरकारी और निजी क्षेत्र की 21 रिफाइनरियों और संबंधित कंपनियों के लिए LPG उत्पादन के लक्ष्य तय किए हैं। इसका मकसद घरेलू बाजार के लिए पर्याप्त LPG उपलब्ध कराना और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में आने वाले किसी भी व्यवधान का असर कम करना है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच LPG की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई और आयात को लेकर जोखिम बढ़ा है। भारत अपनी LPG जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाकर एक मजबूत सप्लाई बफर तैयार करना चाहती है।

सरकार पहले भी घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने के कदम उठा चुकी है। संसद में दिए गए जवाब के मुताबिक मार्च 2026 में रिफाइनरियों को C3 और C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को LPG उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए थे। इन कदमों के बाद घरेलू LPG उत्पादन में करीब 40 फीसदी बढ़ोतरी हुई।

21 कंपनियों को मिला LPG उत्पादन का टारगेट

अब सरकार ने LPG उत्पादन को और व्यवस्थित करने के लिए अलग-अलग रिफाइनरियों और कंपनियों के लिए उत्पादन लक्ष्य तय किए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक कुल दैनिक LPG उत्पादन के लिए 63,810 मीट्रिक टन तक का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं।

इस व्यवस्था में Reliance Industries को सबसे बड़ा उत्पादन लक्ष्य मिला है। इससे साफ है कि घरेलू LPG सप्लाई को मजबूत करने में निजी रिफाइनरियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होने वाली है।

हर 6 महीने में बदला जा सकता है लक्ष्य

सरकार ने उत्पादन लक्ष्य को स्थायी आंकड़ा नहीं रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक LPG उत्पादन के इस शेड्यूल की हर छह महीने में समीक्षा की जाएगी।

इससे मांग, घरेलू उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई की स्थिति के हिसाब से उत्पादन लक्ष्य में बदलाव किया जा सकेगा।

आम उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

इस कदम का सबसे बड़ा फायदा घरेलू LPG उपभोक्ताओं को मिल सकता है। अगर देश में LPG का उत्पादन और स्टॉक पर्याप्त रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में किसी तरह की परेशानी आने पर घरेलू बाजार पर उसका असर कम किया जा सकता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर जगह LPG सिलेंडर की किल्लत खत्म होने की गारंटी हो गई है। स्थानीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूटर की उपलब्धता, बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था भी सप्लाई पर असर डालती है।

सरकार ने पहले भी कहा है कि घरेलू LPG की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। अप्रैल 2026 में सरकार ने बताया था कि घरेलू LPG सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है और रिफाइनरियों से घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाया गया है।

LPG आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश

भारत LPG की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान सप्लाई रूट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए घरेलू उत्पादन बढ़ाना सरकार की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

सरकार के नए उत्पादन लक्ष्य का उद्देश्य सिर्फ मौजूदा स्थिति संभालना नहीं है, बल्कि भविष्य में भी LPG की उपलब्धता को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।

क्या सिलेंडर की कीमत पर भी असर पड़ेगा?

अभी सिर्फ उत्पादन लक्ष्य तय होने से LPG सिलेंडर की कीमत घटने की बात नहीं कही जा सकती। LPG की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, आयात लागत, टैक्स और सरकार की मूल्य नीति समेत कई चीजों का असर होता है।

फिलहाल इस फैसले का मुख्य उद्देश्य LPG की पर्याप्त घरेलू उपलब्धता बनाए रखना और सप्लाई में किसी संभावित बाधा से निपटने की तैयारी मजबूत करना है।

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LPG सिलेंडर की किल्लत पर बड़ा प्लान!

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