Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

FIIs Buying Today: विदेशी निवेशकों ने आज खरीदे ₹1,974 करोड़, 6 दिनों में ₹9,724 करोड़ का निवेश

FIIs Buying Today: विदेशी निवेशकों ने आज खरीदे ₹1,974 करोड़, 6 दिनों में ₹9,724 करोड़ का निवेश

FIIs Buying Today: विदेशी निवेशकों ने आज खरीदे ₹1,974 करोड़, लगातार बढ़ रहा बाजार में भरोसा

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की खरीदारी का सिलसिला जारी है। 10 अगस्त 2026 को विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बाजार में नेट खरीदार रहे। उपलब्ध NSE और BSE के संयुक्त आंकड़ों के मुताबिक, FII/FPI ने कुल ₹13,161.56 करोड़ की खरीदारी की, जबकि ₹11,186.80 करोड़ की बिकवाली की। इस तरह उनकी नेट खरीदारी ₹1,974.76 करोड़ रही।

विदेशी निवेशकों की इस खरीदारी को भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, केवल एक दिन के FII आंकड़ों के आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय नहीं की जा सकती। निवेशकों की नजर अब आने वाले दिनों में विदेशी पूंजी के लगातार प्रवाह पर रहेगी।

DII की तस्वीर रही अलग

जहां विदेशी निवेशक सोमवार को नेट खरीदार रहे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII नेट बिकवाल रहे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, DII ने करीब ₹15,868.51 करोड़ की खरीदारी और ₹17,158.80 करोड़ की बिकवाली की। इससे उनकी नेट बिकवाली ₹1,290.29 करोड़ रही।

इस तरह बाजार में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां एक-दूसरे से अलग रहीं।

छह दिनों में करीब ₹9,724 करोड़ का निवेश

FII की हालिया गतिविधियों पर नजर डालें तो पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार का ध्यान खींचा है। आपके उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बीते छह दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब ₹9,724 करोड़ का नेट निवेश किया है।

यह ट्रेंड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय रही थी। अब खरीदारी बढ़ने से बाजार में विदेशी पूंजी के लौटने की उम्मीद मजबूत हो सकती है।

FII खरीदारी क्यों है महत्वपूर्ण?

विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास बाजार में बड़ी मात्रा में पूंजी होती है। जब FII लगातार भारतीय शेयरों में खरीदारी करते हैं, तो इससे बाजार की लिक्विडिटी और निवेशकों के सेंटीमेंट को समर्थन मिल सकता है।

हालांकि, विदेशी निवेशकों की रणनीति वैश्विक ब्याज दरों, डॉलर की स्थिति, कच्चे तेल की कीमत, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

बाजार की नजर अब आगे के आंकड़ों पर

अगले कुछ कारोबारी सत्रों में FII और DII के आंकड़े बाजार की दिशा समझने के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अगर विदेशी निवेशकों की नेट खरीदारी लगातार जारी रहती है, तो इससे बाजार के सेंटीमेंट को और मजबूती मिल सकती है।

दूसरी ओर, अचानक विदेशी बिकवाली बढ़ने पर बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए केवल FII/DII डेटा के आधार पर निवेश का फैसला लेना उचित नहीं है।

नोट: FII/FPI और DII के ये आंकड़े संस्थागत ट्रेडिंग फ्लो को दर्शाते हैं। इन्हें किसी खास शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

FIIs buy Indian equities worth Rs 32,466 crore in just 8 sessions, narrow April losses. What's cooking? - The Economic Times
 विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की खरीदारी का सिलसिला जारी है 

Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: