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भारत-पाकिस्तान के बीच फिर गरमाया पानी का मुद्दा! SCO में शहबाज ने कहा- पानी को हथियार न बनाएं, सामने थे PM मोदी

भारत-पाकिस्तान के बीच फिर गरमाया पानी का मुद्दा! SCO में शहबाज ने कहा- पानी को हथियार न बनाएं, सामने थे PM मोदी

भारत-पाकिस्तान के बीच फिर गरमाया पानी का मुद्दा! SCO में शहबाज ने उठाई सिंधु जल संधि की बात, मोदी के सामने दिया बड़ा बयान

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव में अब पानी का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया।

शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कहा कि पानी इस क्षेत्र की जीवन रेखा है और इसे कभी भी हथियार, दबाव बनाने या राजनीतिक लाभ हासिल करने के साधन के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी SCO बैठक में मौजूद थे।

आखिर अचानक क्यों उठा पानी का मुद्दा?

दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा है। 31 अगस्त को हेग स्थित मध्यस्थता अदालत ने संधि को लेकर भारत के खिलाफ फैसला दिया और कहा कि संधि प्रभावी बनी हुई है।

लेकिन भारत ने इस फैसले को स्वीकार नहीं किया। भारतीय पक्ष ने मध्यस्थता अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालत का फैसला भारत के संप्रभु फैसलों पर लागू नहीं होता। भारत ने संधि को फिलहाल ‘abeyance’ में रखने का अपना रुख दोहराया है।

पाकिस्तान की चिंता क्या है?

सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वहां की कृषि और पानी की जरूरत का बड़ा हिस्सा इन नदियों से जुड़ा है। इसी वजह से पाकिस्तान लगातार भारत से सिंधु जल संधि को लागू रखने की मांग कर रहा है।

SCO में शहबाज शरीफ ने भी साझा जल संसाधनों से जुड़े समझौतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाध्यकारी प्रतिबद्धता बताया और इनके पालन पर जोर दिया।

भारत का रुख भी साफ

भारत का कहना है कि वह इस मामले में बाहरी मध्यस्थता के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं करता। सरकार ने हालिया मध्यस्थता फैसले को भी खारिज करते हुए कहा है कि इससे भारत के फैसलों और परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यानी एक तरफ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पानी के मुद्दे को उठा रहा है, तो दूसरी तरफ भारत अपने रुख पर कायम है।

अब आगे क्या?

फिलहाल पानी का यह विवाद सिर्फ दो देशों के बीच नदी के पानी के बंटवारे तक सीमित नहीं रह गया है। इसके साथ कूटनीति, सुरक्षा, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और भारत-पाकिस्तान के व्यापक रिश्ते भी जुड़े हुए हैं।

SCO में शहबाज शरीफ का बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि को लेकर मतभेद फिर तेज हो गए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों देशों की अगली रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।

यानी इस बार भारत-पाकिस्तान के बीच बहस सिर्फ सीमा और आतंकवाद तक नहीं, बल्कि पानी की बूंद-बूंद तक पहुंच गई है।


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