हरियालो राजस्थान अभियान में बड़ा अपडेट! दो साल में लगाए पौधों की होगी मैपिंग, सर्वाइवल रेट की भी जांच
- bySanjay
- 12 September, 2026
(पर्यावरण) | Rajasthan
हरियालो राजस्थान अभियान में बड़ा अपडेट! दो साल में लगाए पौधों की होगी मैपिंग, सर्वाइवल रेट की भी जांच
राजस्थान में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने पिछले दो वर्षों के दौरान लगाए गए पौधों की मैपिंग और सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि अभियान के तहत लगाए गए कितने पौधे वर्तमान में जीवित हैं और कितने पौधे सूख चुके हैं।
पौधों की वास्तविक स्थिति का होगा पता
अभियान के तहत अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए पौधों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब विभाग इस रिकॉर्ड का मौके पर सत्यापन कराने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य केवल यह देखना नहीं है कि कितने पौधे लगाए गए, बल्कि यह भी जांचना है कि पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल और निगरानी किस तरह हुई।
मैपिंग के जरिए पौधारोपण वाली जगहों की लोकेशन और वहां लगाए गए पौधों से संबंधित जानकारी को रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा। इससे भविष्य में पौधों की निगरानी करना भी आसान हो सकता है।
जियो-टैगिंग के जरिए होगी निगरानी
‘हरियालो राजस्थान’ अभियान में पौधों की जानकारी को डिजिटल तरीके से दर्ज करने पर भी जोर दिया गया है। जियो-टैगिंग के माध्यम से पौधारोपण वाले स्थानों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
अब इसी डेटा के आधार पर विभाग यह जांच करेगा कि रिकॉर्ड में दर्ज पौधों की स्थिति जमीन पर वास्तव में कैसी है। इससे पौधारोपण अभियान की प्रगति और उसके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी चुनौती
राजस्थान में गर्मी और कई इलाकों में पानी की कमी के कारण पौधों को लगाने के बाद उन्हें जीवित रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में अभियान में अब सर्वाइवल रेट पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों के स्तर पर यह देखा जाएगा कि लगाए गए पौधों में कितने पौधे विकसित हो रहे हैं और कितने पौधों को दोबारा लगाने या अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है। इससे आने वाले समय में पौधारोपण की योजनाओं को ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए अहम पहल
राजस्थान में बढ़ते तापमान, बदलते मौसम और जल संकट के बीच पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाना और उनका संरक्षण करना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत लगाए गए पौधों की मैपिंग और सत्यापन को अभियान की सफलता को मापने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अब विभाग की निगरानी से यह तस्वीर साफ होगी कि पिछले दो वर्षों में हुए पौधारोपण का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ा है और किन क्षेत्रों में पौधों के संरक्षण पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
"इको-फ्रेंडली इनोवेश...
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