छुट्टियों में माइग्रेन का कहर? गंगाराम अस्पताल के 37 साल अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट ने बताए 7 असरदार उपाय
- byAman Prajapat
- 30 December, 2025
✨ भूमिका: छुट्टियाँ और सिरदर्द—एक पुराना रिश्ता
त्योहारों का मौसम आते ही दिल खुश हो जाता है, लेकिन बहुतों के लिए यही मौसम माइग्रेन की दस्तक भी लेकर आता है। देर रात तक जागना, खाने-पीने में लापरवाही, तेज़ रोशनी, शोर-शराबा—ये सब मिलकर माइग्रेन को न्योता दे देते हैं।
गंगाराम अस्पताल से जुड़े, 37 वर्षों के अनुभव वाले वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है—
“माइग्रेन कोई साधारण सिरदर्द नहीं है, और छुट्टियों में इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।”
🔍 माइग्रेन क्या है? (सीधे शब्दों में)
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक तरफ या दोनों तरफ तेज़, धड़कता हुआ दर्द होता है। इसके साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं:
मतली या उल्टी
रोशनी से चिढ़
तेज़ आवाज़ से परेशानी
आंखों के सामने चमक या धुंध
थकान और चिड़चिड़ापन
पुराने ज़माने में लोग इसे “सिर का ज़ोर” कहकर टाल देते थे, लेकिन आज विज्ञान साफ कहता है—इसे नजरअंदाज करना बेवकूफी है।
🎯 छुट्टियों में माइग्रेन क्यों बढ़ता है?
न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि छुट्टियों में माइग्रेन के बढ़ने के पीछे कुछ पक्के कारण होते हैं:
नींद का टाइम बिगड़ जाना
ज़्यादा मीठा, तला-भुना या शराब
लंबी यात्राएं
स्क्रीन टाइम का बढ़ना
तनाव (हाँ, छुट्टियों में भी तनाव होता है)
✅ अब आते हैं असली मुद्दे पर — 7 Hacks जो सच में काम करते हैं
🥇 Hack 1: नींद से समझौता मत करो
पुराने लोग सही कहते थे—“समय पर सोना आधी बीमारी ठीक करता है।”
✔ रोज़ एक ही समय पर सोना
✔ कम से कम 7–8 घंटे की नींद
✔ देर रात मोबाइल स्क्रॉलिंग बंद
न्यूरोलॉजिस्ट साफ कहते हैं—
“नींद बिगड़ी, तो माइग्रेन जागेगा।”
🥈 Hack 2: खाली पेट मत रहो (त्योहार में भी नहीं)
छुट्टियों में लोग या तो ज़्यादा खाते हैं या बिल्कुल नहीं खाते—दोनों गलत।
✔ हर 3–4 घंटे में हल्का भोजन
✔ बहुत ज़्यादा मीठा या प्रोसेस्ड फूड कम
✔ पानी भरपूर मात्रा में
ब्लड शुगर गिरते ही माइग्रेन ट्रिगर हो जाता है—ये साइंस है, बहाना नहीं।
🥉 Hack 3: तेज़ रोशनी और शोर से दूरी बनाओ
तेज़ DJ, चमकती लाइट्स—माइग्रेन वाले दिमाग के लिए ज़हर हैं।
✔ सनग्लास का इस्तेमाल
✔ शांत जगह में ब्रेक लेना
✔ बहुत तेज़ म्यूज़िक से दूरी
पुराने ज़माने की शांति आज भी सबसे बड़ा इलाज है।
🧘 Hack 4: 10 मिनट की सांस—दवा से ज़्यादा असरदार
दवा तुरंत राहत देती है, लेकिन सांसें जड़ से काम करती हैं।
✔ गहरी सांस (Deep Breathing)
✔ अनुलोम-विलोम
✔ आंख बंद कर 10 मिनट शांति
न्यूरोलॉजिस्ट मानते हैं कि नियमित ब्रीदिंग माइग्रेन की frequency कम करती है।
📵 Hack 5: स्क्रीन टाइम पर लगाम
Gen-Z स्टाइल में कहूँ तो—
फोन कम, ज़िंदगी ज़्यादा।
✔ हर 30 मिनट में स्क्रीन ब्रेक
✔ अंधेरे में मोबाइल मत चलाओ
✔ आंखों को आराम दो
स्क्रीन की नीली रोशनी माइग्रेन का छुपा हुआ दुश्मन है।

☕ Hack 6: कैफीन—दोस्त भी, दुश्मन भी
चाय-कॉफी थोड़ी मात्रा में राहत दे सकती है, लेकिन ज़्यादा हुई तो गेम ओवर।
✔ दिन में 1–2 कप से ज़्यादा नहीं
✔ अचानक बंद भी मत करो
संतुलन—यही पुरानी सीख है।
💊 Hack 7: दर्द होने से पहले एक्शन लो
सबसे बड़ी गलती लोग यही करते हैं—
दर्द बढ़ने का इंतज़ार।
✔ शुरुआती लक्षण पर आराम
✔ डॉक्टर द्वारा दी गई दवा समय पर
✔ बार-बार माइग्रेन हो तो self-medication बंद
न्यूरोलॉजिस्ट की चेतावनी साफ है—
“दर्द को हीरो बनने मत दो।”
🧠 एक्सपर्ट की आख़िरी सलाह
37 साल का अनुभव यूँ ही नहीं बनता। डॉक्टर कहते हैं:
“माइग्रेन को कंट्रोल किया जा सकता है, बशर्ते आप अपने शरीर की सुनें, दिखावा नहीं करें।”
छुट्टियाँ मज़े के लिए होती हैं, दर्द सहने के लिए नहीं।
🏁 निष्कर्ष
माइग्रेन कोई कमजोरी नहीं, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ करना ज़रूर बेवकूफी है।
पुरानी समझ + आधुनिक विज्ञान = सही इलाज।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
देखिए सुष्मिता सेन...
Related Post
Hot Categories
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.









