अनंत अंबानी के लिए बनी 1.5 मिलियन डॉलर की श्रद्धांजलि घड़ी: डायल के भीतर खुद अरबपति उत्तराधिकारी की लघु प्रतिमा
- byAman Prajapat
- 22 January, 2026
⌚ जब घड़ी सिर्फ़ टाइम नहीं, पहचान बताने लगे
दुनिया में बहुत सी महंगी घड़ियाँ हैं, लेकिन कुछ घड़ियाँ ऐसी होती हैं जो समय से आगे निकल जाती हैं। अनंत अंबानी के लिए तैयार की गई यह 1.5 मिलियन डॉलर (करीब 12.5 करोड़ रुपये) की श्रद्धांजलि घड़ी ठीक वैसी ही है। यह घड़ी सिर्फ़ एक लग्ज़री एक्सेसरी नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता बयान है — विरासत का, सत्ता का और बारीक कारीगरी का।
आज के दौर में जहां स्मार्टवॉच सेकंड गिनती है, वहीं यह घड़ी पीढ़ियाँ गिनती है।
👑 डायल के भीतर अनंत अंबानी की लघु प्रतिमा
इस घड़ी की सबसे हैरान कर देने वाली बात है इसका डायल। इसमें समय दिखाने के साथ-साथ अनंत अंबानी की एक बेहद सूक्ष्म, हाथ से तराशी गई प्रतिमा को जगह दी गई है। यह प्रतिमा इतनी बारीक है कि उसे बनाने में महीनों नहीं, बल्कि सालों की विशेषज्ञता लगी है।
यह कोई आम 3D डिज़ाइन नहीं, बल्कि पारंपरिक माइक्रो-स्कल्प्चर तकनीक से बनी कलाकृति है — वही तकनीक जिसे यूरोप के पुराने शाही घराने अपनाया करते थे।
💎 शाही कारीगरी और आधुनिक तकनीक का संगम
इस वॉच में इस्तेमाल की गई सामग्री किसी खजाने से कम नहीं है।
18 कैरेट गोल्ड केस
डायमंड-सेट बेज़ल
हाथ से पेंट किया गया एनामेल डायल
मैकेनिकल मूवमेंट, जिसे मास्टर वॉचमेकर्स ने असेंबल किया
हर पुर्जा ऐसा लगता है जैसे समय को पकड़ कर रखने की कोशिश कर रहा हो।
🧬 क्यों खास है यह “श्रद्धांजलि” घड़ी?
यह घड़ी किसी ब्रांड की मार्केटिंग नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक है। इसे अनंत अंबानी के व्यक्तित्व, उनके मूल्यों और उनकी विरासत को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।
यह उस सोच को दर्शाती है जहाँ अमीरी सिर्फ़ दिखावे तक सीमित नहीं, बल्कि परंपरा, पहचान और भावनाओं से जुड़ी होती है।
सीधी बात — यह घड़ी पहनने के लिए नहीं, इतिहास में दर्ज होने के लिए बनाई गई है।
🌍 दुनिया भर में क्यों मचा है शोर?
जैसे ही इस घड़ी की तस्वीरें सामने आईं, इंटरनेशनल लग्ज़री वॉच सर्कल में हलचल मच गई। स्विट्ज़रलैंड से लेकर दुबई तक, कलेक्टर्स और एक्सपर्ट्स इसे एक पीढ़ी में बनने वाली घड़ी बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोग इसे
“चलता-फिरता म्यूज़ियम”
“बिलियनेयर लेगेसी ऑन द रिस्ट”
“घड़ी नहीं, ताज”
जैसे नाम दे रहे हैं।

🧠 अंबानी परिवार और लग्ज़री की परंपरा
अंबानी परिवार का लग्ज़री से रिश्ता नया नहीं है। चाहे निजी जेट हों, दुर्लभ कार कलेक्शन या आर्ट पीसेज़ — हर चीज़ में एक बात कॉमन रहती है: कस्टमाइज़ेशन।
यह घड़ी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है, जहाँ हर चीज़ “ऑफ-द-शेल्फ” नहीं, बल्कि ऑफ-द-हिस्ट्री होती है।
🔮 क्या यह भविष्य की लग्ज़री का संकेत है?
एक वक्त था जब लग्ज़री का मतलब कीमत होता था। आज लग्ज़री का मतलब है व्यक्तिगत कहानी।
यह घड़ी बताती है कि आने वाले समय में अमीर लोग सिर्फ़ महंगा नहीं, बल्कि खुद को दर्शाने वाली चीज़ें चाहेंगे।
कम शब्दों में: पैसा बहुतों के पास है, लेकिन ऐसी पहचान बहुत कम के पास।
✨ आख़िरी बात
अनंत अंबानी की यह श्रद्धांजलि घड़ी हमें याद दिलाती है कि कुछ चीज़ें ट्रेंड नहीं होतीं — वे परंपरा बनती हैं।
यह घड़ी वक्त देखती नहीं, वक्त को परिभाषित करती है।
और सच कहें तो…
ये घड़ी नहीं है।
ये एक एलान है। 🕰️👑
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देखिए सुष्मिता सेन...
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