The Raja Saab बॉक्स ऑफिस डे 10: प्रभास की फिल्म ने छुआ ₹200 करोड़, ‘आदिपुरुष’ से 5 गुना धीमी रफ्तार
- byAman Prajapat
- 19 January, 2026
सिनेमा की दुनिया में कुछ फिल्में तूफान बनकर आती हैं, और कुछ बारिश की तरह—धीरे, लगातार, अपनी ज़मीन खुद बनाती हुई। प्रभास की हालिया फिल्म “The Raja Saab” उसी दूसरी किस्म की कहानी लिखती दिख रही है। रिलीज़ के 10वें दिन फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। सुनने में यह बड़ी जीत लगती है—और है भी—लेकिन तुलना के तराजू पर रखो तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है।
🎬 10 दिन, ₹200 करोड़—लेकिन रफ्तार क्यों सुस्त?
साफ-साफ बात करें तो, The Raja Saab की कमाई की चाल आदिपुरुष के मुकाबले करीब 5 गुना धीमी रही है। जहाँ आदिपुरुष ने शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ दौड़ लगा दी थी, वहीं The Raja Saab ने धैर्य चुना—धीरे-धीरे, कदम नापकर।
इसका मतलब यह नहीं कि फिल्म फेल हो रही है। बल्कि यह उस दौर का संकेत है जहाँ दर्शक अब पहले दिन की हाइप से ज़्यादा कंटेंट, वर्ड ऑफ माउथ और री-वॉच वैल्यू पर भरोसा करते हैं। पुराने ज़माने की तरह—पहले सुना, फिर देखा, फिर बताया।
🌍 वर्ल्डवाइड प्रदर्शन: कहाँ चमकी, कहाँ अटकी?
डोमेस्टिक मार्केट में फिल्म की पकड़ धीरे-धीरे मज़बूत होती दिखी।
ओवरसीज़ में ओपनिंग औसत रही, लेकिन वीकेंड्स पर ग्रोथ नोटिस की गई।
सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स के रिएक्शन अलग-अलग रहे—यही आज का सिनेमा है, एक जैसा नहीं।
🧠 तुलना क्यों ज़रूरी है—और कहाँ भटक जाती है?
आदिपुरुष एक इवेंट थी—भारी बजट, भारी उम्मीदें, भारी चर्चा। The Raja Saab एक अलग स्वाद लेकर आई। तुलना करना आसान है, लेकिन निष्कर्ष निकालते वक्त संदर्भ ज़रूरी है।
आज का दर्शक हर बड़े नाम पर आँख बंद करके टिकट नहीं खरीदता। वो पूछता है—कहानी क्या कहती है? अनुभव कैसा है? पैसा वसूल है या नहीं?
🔥 प्रभास फैक्टर: स्टारडम की नई परिभाषा
प्रभास का नाम आज भी भीड़ खींचता है—ये सच है। मगर स्टारडम भी अब अपडेट मांगता है। The Raja Saab में प्रभास का अलग अंदाज़, अलग टोन देखने को मिला। कुछ को यह नया लगा, कुछ को अधूरा। यही वजह है कि फिल्म ने लॉन्ग रन चुना, फ्लैश रन नहीं।
📊 आगे का रास्ता: टिकेगी या थमेगी?
₹200 करोड़ का पड़ाव पार करना आसान नहीं होता—और इसे 10 दिनों में पाना बताता है कि फिल्म में दम है। असली खेल अब अगले हफ्तों में होगा:
क्या वर्ड ऑफ माउथ मज़बूत होगा?
क्या फिल्म फैमिली ऑडियंस को खींच पाएगी?
क्या री-वॉच फैक्टर बनेगा?
अगर जवाब “हाँ” की तरफ गया, तो The Raja Saab अपनी धीमी चाल को जीत में बदल सकती है। नहीं गया, तो आंकड़े यहीं ठहर सकते हैं।

🧿 आख़िरी बात—सच सीधा है
The Raja Saab कोई रॉकेट नहीं, एक रेलगाड़ी है—स्टेशन-दर-स्टेशन आगे बढ़ती हुई। ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार करना एक मील का पत्थर है, लेकिन मंज़िल अभी दूर है। तुलना होती रहेगी, शोर भी रहेगा—पर अंत में वही टिकेगा जो दर्शक के दिल में ठहरेगा।
पुराने ज़माने की कहावत है—धीमी आँच पर पकी दाल ज़्यादा स्वाद देती है। अब देखना ये है कि The Raja Saab उस स्वाद को आख़िरी निवाले तक बचा पाती है या नहीं।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
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