'थाने से बोल रहे हैं...' कॉल से ठगी: डॉक्टर ने तुड़वाई 34 लाख की FD, साइबर अपराधियों ने लगाया चूना
- bykrish rathore
- 20 March, 2026
देश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, और हाल ही में सामने आया एक मामला इस खतरे की गंभीरता को और उजागर करता है। एक डॉक्टर को फर्जी पुलिस कॉल के जरिए इस तरह से ठगा गया कि उन्होंने अपनी 34 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तक तुड़वा दी और पूरी रकम ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी। यह घटना दिखाती है कि किस तरह साइबर अपराधी लोगों के डर, प्रतिष्ठा और मानसिक दबाव का फायदा उठाकर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं।
घटना की शुरुआत एक फोन कॉल से हुई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को थाने से बोलने वाला अधिकारी बताया। उसने डॉक्टर को यह कहकर डराया कि उनके खिलाफ एक गंभीर मामला दर्ज किया गया है और उन्हें तुरंत सहयोग करना होगा, वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की धमकी भरी भाषा और अधिकारपूर्ण लहजे ने डॉक्टर को मानसिक रूप से दबाव में डाल दिया।
ठगों ने डॉक्टर को यह भी विश्वास दिलाया कि मामला बेहद संवेदनशील है और उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है। इसी डर का फायदा उठाते हुए उन्होंने डॉक्टर को बैंक से अपनी FD तुड़वाने और पैसे एक “सुरक्षित खाते” में ट्रांसफर करने के लिए कहा। डॉक्टर, जो इस समय तक पूरी तरह से ठगों के जाल में फंस चुके थे, बिना किसी से सलाह लिए उनकी बातों में आ गए।
कुछ ही समय में 34 लाख रुपये की बड़ी रकम ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। जब तक डॉक्टर को अपनी गलती का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर क्राइम विभाग में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन ऐसी घटनाओं में पैसे की रिकवरी अक्सर मुश्किल हो जाती है।
इस तरह के साइबर अपराधों में ठग अक्सर खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को डराते हैं। वे कॉल, मैसेज या यहां तक कि वीडियो कॉल का भी इस्तेमाल करते हैं ताकि उनकी बात अधिक विश्वसनीय लगे। कई मामलों में वे फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र भी दिखाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल पर व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अगर कोई खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो उसकी सत्यता की जांच संबंधित विभाग से सीधे संपर्क करके करनी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी तरह के दबाव में आकर तुरंत निर्णय लेने से बचना चाहिए।
सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
अंत में, यह घटना एक चेतावनी है कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता आपको बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।

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राजस्थान में अपराधों...
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