टॉक्सिक रिश्तों का असर: तनावपूर्ण संबंध बढ़ा सकते हैं जैविक उम्र और शरीर में सूजन
- bykrish rathore
- 12 March, 2026
हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च में यह पाया गया है कि लगातार तनावपूर्ण या टॉक्सिक रिश्तों में रहना व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे रिश्ते केवल मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि शरीर की जैविक उम्र (Biological Age) को भी तेज़ी से बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही शरीर में सूजन (Inflammation) का स्तर भी बढ़ सकता है, जो कई गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा देता है।
Biological Aging का मतलब है कि शरीर के अंदरूनी अंग और कोशिकाएँ वास्तविक उम्र से ज्यादा तेजी से बूढ़ी होने लगती हैं। यह प्रक्रिया अक्सर लंबे समय तक रहने वाले तनाव, खराब जीवनशैली और नकारात्मक सामाजिक माहौल से प्रभावित होती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, जब कोई व्यक्ति लगातार तनाव, झगड़े या नकारात्मक व्यवहार वाले रिश्तों के संपर्क में रहता है, तो शरीर में तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है।
ऐसे हालात में शरीर लगातार स्ट्रेस मोड में रहता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर पड़ता है। लंबे समय तक तनाव बने रहने से शरीर में सूजन की प्रक्रिया सक्रिय हो जाती है। यह सूजन धीरे-धीरे कई बीमारियों जैसे हृदय रोग, मधुमेह और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन लोगों के सामाजिक रिश्ते अधिक सकारात्मक और सहयोगपूर्ण होते हैं, उनमें तनाव का स्तर कम होता है और उनका स्वास्थ्य अपेक्षाकृत बेहतर रहता है। इसके विपरीत, जो लोग लगातार आलोचना, विवाद या भावनात्मक दबाव वाले रिश्तों में रहते हैं, उनमें जैविक उम्र तेजी से बढ़ने के संकेत अधिक दिखाई देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ रिश्ते व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों के साथ सकारात्मक संबंध तनाव को कम करने में मदद करते हैं और जीवन की चुनौतियों से निपटने की क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
शोधकर्ताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार टॉक्सिक रिश्तों का सामना कर रहा है, तो उसे अपनी मानसिक भलाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके लिए सीमाएँ तय करना, काउंसलिंग लेना और सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाना महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।
इस अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि रिश्तों की गुणवत्ता केवल भावनात्मक सुख तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के अंदर चल रही जैविक प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए स्वस्थ और सकारात्मक रिश्ते बनाए रखना न केवल मानसिक शांति के लिए बल्कि लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए भी जरूरी है।

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40 के बाद शर्ट से बा...
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