‘टॉक्सिक’ का टीज़र देखकर सन्न रह गए संदीप रेड्डी वांगा, बोले – यश के स्टाइल और एटीट्यूड ने मुझे हिला दिया
- byAman Prajapat
- 08 January, 2026
भारतीय सिनेमा की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो सिर्फ फिल्में नहीं बनाते, बल्कि माहौल बनाते हैं। संदीप रेड्डी वांगा उन्हीं में से एक हैं—बेबाक, बिना फिल्टर, और सीधा दिल पर वार करने वाले। वहीं दूसरी तरफ हैं यश, जिनका नाम आते ही KGF की गूंज, रॉ swag और भारी भरकम स्क्रीन प्रेज़ेंस अपने-आप ज़ेहन में उतर आती है।
अब ज़रा सोचो—जब ऐसा डायरेक्टर, जो खुद “कबीर सिंह” और “एनिमल” जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, अगर वो किसी टीज़र को देखकर बोले कि “It knocked me out”… तो मामला हल्का नहीं है।
🎬 ‘टॉक्सिक’ का टीज़र: एक झलक, हज़ार असर
फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीज़र रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। टीज़र भले ही छोटा हो, लेकिन उसमें जो vibe है, वो पुराने जमाने के एंग्री-यंग-मैन और आज के डार्क, स्टाइलिश anti-hero का खतरनाक मेल लगती है।
यश का लुक—ना ज्यादा शब्द, ना फालतू ड्रामा—बस आंखों में आग, चाल में शेरपन और चेहरे पर वो ठंडा-सा खौफ। यही चीज़ संदीप रेड्डी वांगा को सीधा दिल में लगी।
🗣️ संदीप रेड्डी वांगा का बयान
संदीप रेड्डी वांगा ने ‘टॉक्सिक’ के टीज़र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यश की स्क्रीन पर मौजूदगी और उनका एटीट्यूड देखकर वो पूरी तरह चौंक गए। उनके शब्दों में, यश का स्टाइल सिर्फ दिखावा नहीं है, वो स्क्रीन से बाहर निकलकर दर्शक पर असर करता है।
वांगा ने साफ कहा कि उन्हें यश का वो रॉ, अनपॉलिश्ड और ईमानदार अंदाज़ बेहद पसंद आया। उनका मानना है कि आज के समय में ऐसे कलाकार कम हैं जो बिना ज्यादा बोले सिर्फ अपने body language और आंखों से कहानी कह देते हैं।
और सच कहें तो—ये बात Gen-Z भी महसूस करती है। आज audience को नकली हीरो नहीं चाहिए, उन्हें चाहिए कोई जो टूटा-फूटा, गुस्से से भरा, लेकिन असली लगे।
🔥 यश: सिर्फ स्टार नहीं, एक मूवमेंट
KGF के बाद यश सिर्फ एक एक्टर नहीं रहे। वो एक आइडिया बन गए—कि रीजनल सिनेमा भी नेशनल ही नहीं, इंटरनेशनल लेवल पर खेल सकता है। ‘टॉक्सिक’ उसी सोच का अगला कदम लगता है।
टीज़र में यश का अंदाज़ ये साफ बताता है कि फिल्म किसी safe ज़ोन में नहीं रहने वाली। ये फिल्म शायद uncomfortable सवाल पूछेगी, dark रास्तों पर चलेगी और वही दिखाएगी जो आम तौर पर छुपा दिया जाता है।
🎥 ‘टॉक्सिक’ और बदलता इंडियन सिनेमा
एक ज़माना था जब हीरो मतलब साफ-सुथरा, नैतिक और हर हाल में सही। लेकिन वक्त बदला है। अब audience को grey shades पसंद हैं। अब anti-hero भी hero है।
संदीप रेड्डी वांगा जैसे फिल्ममेकर और यश जैसे कलाकार इसी बदलाव की पहचान हैं। दोनों ही पुराने नियमों को तोड़ने में यकीन रखते हैं। शायद यही वजह है कि वांगा को ‘टॉक्सिक’ का टीज़र इतना ज़ोर से लगा।

🌪️ सोशल मीडिया पर रिएक्शन
टीज़र रिलीज़ के बाद फैंस का रिएक्शन भी कुछ कम नहीं था। ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोग यश के लुक, बैकग्राउंड म्यूज़िक और फिल्म की dark theme की तारीफ करते नहीं थक रहे।
कई लोगों ने लिखा कि ‘टॉक्सिक’ इंडियन सिनेमा के लिए एक नया benchmark सेट कर सकती है। वहीं कुछ ने इसे “नेक्स्ट लेवल swag” तक कह डाला।
🧠 क्यों खास है वांगा की प्रतिक्रिया?
क्योंकि संदीप रेड्डी वांगा खुद ऐसे इंसान हैं जो आसानी से impress नहीं होते। वो वही पसंद करते हैं जो raw हो, honest हो और भीड़ से अलग हो। अगर उन्हें यश का काम पसंद आया है, तो यकीन मानो—कुछ तो अलग है।
🎭 आगे क्या?
‘टॉक्सिक’ अभी सिर्फ एक टीज़र तक सीमित है, लेकिन जिस तरह की चर्चा शुरू हो चुकी है, वो साफ बताती है कि फिल्म रिलीज़ से पहले ही आधी लड़ाई जीत चुकी है।
अब सवाल ये नहीं कि फिल्म चलेगी या नहीं। सवाल ये है कि ये फिल्म इंडियन सिनेमा को कितनी दूर तक हिलाएगी।
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