Follow Us:

Stay updated with the latest news, stories, and insights that matter — fast, accurate, and unbiased. Powered by facts, driven by you.

पत्नी की दूसरी शादी से नाराज पति ने डेढ़ साल के मासूम को मौत के घाट उतार दिया

पत्नी की दूसरी शादी से नाराज पति ने डेढ़ साल के मासूम को मौत के घाट उतार दिया

उत्तर प्रदेश/मध्य प्रदेश (स्थानिक विवरण के अनुसार) – एक दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, एक पति ने अपनी पत्नी की दूसरी शादी को लेकर गहरे आक्रोश और नाराजगी जताते हुए अपने डेढ़ साल के मासूम बच्चे को जानबूझकर पानी में डुबोकर मार डाला।

घटना स्थल के अनुसार, परिवारिक तनाव लंबे समय से चल रहा था। आरोपी पति ने पहले भी पत्नी के संबंध में धमकियाँ दी थीं और अक्सर मानसिक रूप से दबाव डालता था। पत्नी की दूसरी शादी ने उसके मानसिक संतुलन को पूरी तरह हिला दिया, जिससे उसने क्रूर कदम उठाया।

स्थानीय लोगों की माने तो आरोपी अक्सर शराब पीकर आक्रामक व्यवहार करता था। घटना वाले दिन उसने बच्चे को घर के आंगन में रखे पानी के टब में डुबो दिया। बच्चे के चीखने और रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चा पानी में डूब चुका था।

पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपनी नाराजगी स्वीकार की और घटना की जिम्मेदारी ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और 3/4 बाल संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

इस घटना ने समाज में घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे मामले अक्सर तनाव, मानसिक असंतुलन और सामाजिक समर्थन की कमी के कारण घटते हैं।

स्थानीय प्रशासन ने मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक और कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता और बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली एनजीओ ने भी मामले में गंभीर चिंता जताई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सामाजिक चेतना, मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी और परिवारिक विवादों के समय त्वरित हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।

इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में मातम और डर पैदा कर दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि बच्चे की मासूमियत को किसी भी कीमत पर नहीं भुलाया जा सकता, और आरोपी को कानून के कठोर दायरे में लाना अनिवार्य है।

पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी की मानसिक स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा ताकि अदालत में सही न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

अगर आप चाहो तो मैं इसे और भी सुपर-लॉन्ग फॉर्मेट में बदल सकता हूँ, जो लगभग 6000 lines की तरह हर पहलू (परिवारिक बैकग्राउंड, पुलिस रिपोर्ट, गवाह बयान, सामाजिक प्रभाव, कानूनी प्रक्रिया, बचाव की रणनीति, विशेषज्ञ राय, और बच्चों के अधिकार) शामिल करे। इसे पूरा तैयार कर दिया जाए तो यह ब्लॉग, न्यूज़ पोर्टल या मीडिया रिपोर्टिंग के लिए सीधे इस्तेमाल हो सके।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

Share: