जयपुर के हॉस्टल मेस में मिला एक्सपायरी सामान! खाद्य सुरक्षा टीम की जांच में खुली पोल, 50 किलो सामग्री नष्ट
- bySanjay
- 10 October, 2026
जयपुर के हॉस्टलों में खाद्य सुरक्षा की जांच, एक्सपायरी सामान मिलने पर मचा हड़कंप; 50 किलो सामग्री नष्ट
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में हॉस्टलों और पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई चर्चा में है। हॉस्टल मेस में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, उसकी एक्सपायरी डेट और रसोई की साफ-सफाई की जांच की गई। जांच का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है।
10 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य सुरक्षा टीम ने जयपुर के छह पीजी हॉस्टलों के मेस का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री और साफ-सफाई से जुड़ी कमियां सामने आईं। रिपोर्ट में बताया गया कि जांच के दौरान करीब 50 किलोग्राम सामग्री नष्ट की गई। कुछ खाद्य उत्पादों के नमूने भी प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए।
विद्यार्थियों की सेहत से जुड़ा है मामला
जयपुर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हॉस्टलों तथा पीजी में रहते हैं। इनमें से कई विद्यार्थी रोजाना मेस में मिलने वाले भोजन पर निर्भर होते हैं। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता सीधे सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा विषय बन जाती है।
यदि भोजन तैयार करने में खराब या दूषित सामग्री का इस्तेमाल किया जाए, तो खाद्य जनित बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए खाद्य पदार्थों की समाप्ति तिथि की जांच, उचित भंडारण और रसोई की नियमित सफाई जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा टीम ने क्या कार्रवाई की?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री की जांच की गई और कुछ उत्पादों के नमूने लिए गए। करीब 50 किलोग्राम सामग्री नष्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, प्रयोगशाला में लिए गए नमूनों के अंतिम नतीजों की पुष्टि होने तक किसी खाद्य उत्पाद को मानकों के विपरीत घोषित करना उचित नहीं होगा।
हॉस्टल संचालकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
हॉस्टल और पीजी संचालकों को खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता तथा समाप्ति तिथि की जांच करनी चाहिए। रसोई में साफ पानी, स्वच्छ बर्तन, उचित तापमान पर भंडारण और नियमित सफाई की व्यवस्था भी जरूरी है। विद्यार्थियों को भी भोजन की गुणवत्ता में गंभीर कमी दिखाई देने पर प्रबंधन या संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना देनी चाहिए।
आगे क्या होगा?
इस मामले में खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट और विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी। इन नतीजों से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और संबंधित नियमों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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