राजस्थान में संदिग्ध ISI जासूस गिरफ्तार! 8 SIM कार्ड पाकिस्तान भेजने का आरोप, WhatsApp से चलता था नेटवर्क
- bySanjay
- 29 August, 2026
राजस्थान में संदिग्ध ISI जासूस गिरफ्तार! 8 भारतीय SIM कार्ड पाकिस्तान भेजने का आरोप, WhatsApp के जरिए चल रहा था खेल
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस और CID Intelligence की संयुक्त कार्रवाई में 45 वर्षीय एक व्यक्ति को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स के लिए काम करने और भारतीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर संवेदनशील जानकारी जुटाने में मदद करने का आरोप है। मामले की जांच अभी जारी है।
8 भारतीय SIM कार्ड पाकिस्तान भेजने का आरोप
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बलविंदर सिंह उर्फ बिंद्रा, निवासी अनूपगढ़, श्रीगंगानगर के रूप में हुई है।
जांच में आरोप है कि उसने भारतीय नागरिकों के नाम पर जारी 8 SIM कार्ड पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स तक पहुंचाए। इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान से WhatsApp अकाउंट एक्टिवेट करने के लिए किया गया।
पुलिस के मुताबिक SIM कार्ड पर आने वाले OTP के जरिए पाकिस्तान में WhatsApp अकाउंट सक्रिय किए जाते थे और फिर इन भारतीय नंबरों का इस्तेमाल भारत में संपर्क करने के लिए किया जाता था।
WhatsApp बना जासूसी नेटवर्क का जरिया?
जांच एजेंसियों को शक है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स भारतीय मोबाइल नंबरों के जरिए भारत में लोगों से संपर्क कर रहे थे।
पुलिस का आरोप है कि इन माध्यमों से देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही थी।
आरोपी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है। शुरुआती जांच में उसके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ WhatsApp के जरिए लगातार संपर्क में रहने की बात सामने आई है।
कई महीनों से निगरानी में था आरोपी
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के मुताबिक आरोपी काफी समय से पुलिस की निगरानी में था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित नेटवर्क में उसके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि SIM कार्ड और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल केवल संपर्क के लिए किया गया था या इनके जरिए वास्तव में कोई संवेदनशील सूचना पाकिस्तान तक पहुंचाई गई।
ड्रग तस्करी के मामले से भी जुड़ा नाम
इस मामले ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया है क्योंकि पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले से एक बड़े नारकोटिक्स मामले में वांछित था।
उसके खिलाफ जेतसर थाने में दर्ज मामले में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में गिराई गई कथित 10.5 किलो हेरोइन, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 55 करोड़ रुपये बताई गई है, से जुड़ा मामला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित जासूसी नेटवर्क और सीमा पार से होने वाली नशे की तस्करी के बीच कोई संबंध है या नहीं।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 152 और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उसके मोबाइल और डिजिटल संपर्कों की जांच की जा रही है। जांच का मकसद कथित नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स तक पहुंचना है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए क्यों अहम है यह मामला?
इस केस में सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय नागरिकों के नाम पर जारी SIM कार्ड पाकिस्तान तक कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल भारत में संपर्क के लिए कैसे किया गया।
अगर जांच में आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला दिखाता है कि विदेशी खुफिया नेटवर्क भारतीय मोबाइल नंबरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके अपनी गतिविधियां चलाने की कोशिश कर सकते हैं।
हालांकि अभी जांच चल रही है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
अब जांच में क्या सामने आएगा?
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, WhatsApp संपर्क, SIM कार्ड और पाकिस्तान स्थित संदिग्ध हैंडलर्स के साथ उसके कथित कनेक्शन की जांच कर रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल SIM कार्ड उपलब्ध कराने तक सीमित नेटवर्क था या इसके पीछे कोई बड़ा जासूसी और सीमा पार तस्करी नेटवर्क काम कर रहा था?
जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित ISI कनेक्शन से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना पर भी एजेंसियों की नजर है।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
राजस्थान में अपराधों...
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