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प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे कोलकाता के ठंठनिया कालीबाड़ी मंदिर, 300 साल पुराने जाग्रत दरबार में की पूजा

प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे कोलकाता के ठंठनिया कालीबाड़ी मंदिर, 300 साल पुराने जाग्रत दरबार में की पूजा

 

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर कोलकाता के ऐतिहासिक ठंठनिया कालीबाड़ी मंदिर में की पूजा-अर्चना

नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के उत्तर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध ठंठनिया कालीबाड़ी मंदिर पहुंचकर मां काली के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री के इस दौरे को बंगाल की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।

300 साल पुराना है मंदिर का इतिहास

ठंठनिया कालीबाड़ी मंदिर को कोलकाता के प्राचीन और श्रद्धा के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है। माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु मां काली के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह स्थान जाग्रत दरबार माना जाता है, जहां भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।

रामकृष्ण परमहंस से जुड़ी परंपरा

इस मंदिर का संबंध रामकृष्ण परमहंस से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां मां काली को विशेष भोग और पारंपरिक प्रसाद चढ़ाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, जिसने मंदिर को अलग पहचान दी है।

प्रधानमंत्री ने बंगाल की संस्कृति को किया नमन

मंदिर पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने माथा टेका, पूजा की और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की प्राचीन, विविध और आध्यात्मिक संस्कृति को नमन किया।

सुरक्षा और श्रद्धालुओं में उत्साह

प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में लोग मंदिर के बाहर जुटे और प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए।

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प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर कोलकाता के ऐतिहासिक ठंठनिया कालीबाड़ी मंदिर में की पूजा-अर्चना

राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दौरे से स्थानीय परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। प्रधानमंत्री का यह दौरा बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देने वाला माना जा रहा है।


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