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क्या सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक है? जानिए पूरी सच्चाई

क्या सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक है? जानिए पूरी सच्चाई

गलवान घाटी—एक ऐसा नाम जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।
15 जून 2020 की वह रात, जब भारतीय सेना और चीनी सैनिक आमने-सामने आए, गोलियां नहीं चलीं, लेकिन लहू बहा। इसी संघर्ष में कर्नल संतोष बाबू वीरगति को प्राप्त हुए और अमर हो गए।

अब जब खबर आई कि सलमान खानबैटल ऑफ गलवान” नाम की फिल्म करने जा रहे हैं, तो सवाल उठना लाज़मी था—

क्या यह फिल्म कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक है?

सोशल मीडिया पर अफवाहें दौड़ पड़ीं।
किसी ने कहा “सलमान खान कर्नल संतोष बाबू बनेंगे”,
किसी ने कहा “ये उनकी लाइफ स्टोरी है”,
तो किसी ने फिल्म को पहले ही श्रद्धांजलि घोषित कर दिया।

लेकिन अब वक्त है सच जानने का।

🔍 सच्चाई क्या है?

❌ नहीं, यह फिल्म कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक नहीं है

अब साफ-साफ बोलते हैं—
सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ किसी एक व्यक्ति की बायोपिक नहीं है।

यह फिल्म:

✔️ गलवान घाटी की घटना से प्रेरित है

✔️ भारतीय सेना के साहस और बलिदान को दिखाएगी

किसी एक शहीद अधिकारी की जीवन कहानी नहीं है

फिल्म मेकर्स और इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक,
यह एक फिक्शनल नैरेटिव होगी जो रियल इवेंट्स से इंस्पायर्ड है—ठीक वैसे ही जैसे पहले कई वॉर फिल्में बनी हैं।

🪖 कर्नल संतोष बाबू: एक नाम, एक मिसाल

कर्नल संतोष बाबू को किसी फिल्म की ज़रूरत नहीं उनकी पहचान के लिए।
वे:

16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे

गलवान घाटी संघर्ष में सबसे आगे खड़े थे

अपने जवानों की रक्षा करते हुए शहीद हुए

मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किए गए

उनकी कहानी इतनी पवित्र और व्यक्तिगत है कि परिवार और सेना दोनों चाहते हैं कि इसे पूरी गरिमा और सहमति के साथ ही दिखाया जाए।

इसी वजह से मेकर्स ने इसे डायरेक्ट बायोपिक बनाने से परहेज़ किया है।

🎬 तो ‘बैटल ऑफ गलवान’ है क्या?

ये फिल्म होगी:

🇮🇳 देशभक्ति से भरपूर वॉर ड्रामा

🧠 रणनीति, टकराव और मानसिक युद्ध पर आधारित

🔥 बिना ओवर-ड्रामा के, रॉ और रियल टोन में

🎖️ भारतीय सैनिकों की बहादुरी को समर्पित

सलमान खान का किरदार एक आर्मी ऑफिसर का होगा,
लेकिन वह कर्नल संतोष बाबू का हूबहू किरदार नहीं होगा।

Salman as Colonel Santosh Babu in Patriotic Biopic
Is Salman Khan’s Battle of Galwan a Biopic of Colonel Santosh Babu? Here’s the Truth

📢 सोशल मीडिया पर क्यों फैली अफवाह?

आज का दौर है—रील्स और हेडलाइन्स का।
एक पोस्ट में “Galwan” + “Salman Khan” + “Army” लिखा गया
और लोगों ने खुद-ब-खुद मान लिया—

“ये तो कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक है!”

बिना फैक्ट-चेक, बिना ऑफिशियल कन्फर्मेशन।
यही है आज की इंटरनेट संस्कृति—तेज़, लेकिन अधूरी।

🧠 फिल्म बनाना और इतिहास का सम्मान—एक नाज़ुक संतुलन

सच कड़वा है, लेकिन कहना ज़रूरी है—

हर शहीद की कहानी को मसाला फिल्म नहीं बनाया जा सकता।
कुछ कहानियाँ श्रद्धा मांगती हैं, स्क्रीनप्ले नहीं

इसलिए मेकर्स ने समझदारी दिखाई और एक
जनरल स्टोरी चुनी—जो पूरे संघर्ष को दर्शाए,
ना कि किसी एक नाम का व्यावसायिक इस्तेमाल करे।

🕊️ निष्कर्ष (Conclusion)

बैटल ऑफ गलवान कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक नहीं है

✔️ यह गलवान घाटी संघर्ष से प्रेरित एक फिक्शनल फिल्म है

🎖️ फिल्म भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करती है

🙏 कर्नल संतोष बाबू का सम्मान इससे कहीं ऊपर है—और रहेगा

देश को नायक चाहिए,
लेकिन शहीदों को शोर नहीं, सम्मान चाहिए।


Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.

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