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भारत बनाएगा 350 किमी/घंटा की स्वदेशी B35 बुलेट ट्रेन, जापान की E10 से होगी तुलना

भारत बनाएगा 350 किमी/घंटा की स्वदेशी B35 बुलेट ट्रेन, जापान की E10 से होगी तुलना

🚄 भारत बनाएगा 350 किमी/घंटा वाली स्वदेशी B35 बुलेट ट्रेन, जापान की E10 सीरीज से होगी तुलना

भारत हाई-स्पीड रेल तकनीक में अपनी स्वदेशी क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। रेलवे मंत्रालय के कैबिनेट प्रस्ताव के अनुसार, 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी B35 हाई-स्पीड ट्रेन विकसित करने की योजना है। इसकी गति और तकनीकी क्षमता की तुलना जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज से की जा रही है। The Times of India

🇮🇳 पहले B28, फिर B35 का प्लान

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर शुरुआती चरण में B28 ट्रेनसेट इस्तेमाल किए जाएंगे। इन्हें 280 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड के लिए बनाया जा रहा है, जबकि शुरुआती परिचालन में इनकी अधिकतम गति करीब 249 किमी/घंटा बताई गई है। BEML को B28 ट्रेनसेट बनाने के लिए ठेके मिले हैं और प्रोटोटाइप के 2027 में परीक्षण की योजना है। Jagran

इसके बाद भारत का लक्ष्य B35 जैसी 350 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाली अगली पीढ़ी की ट्रेन विकसित करना है। इसका उद्देश्य हाई-स्पीड रेल तकनीक में घरेलू डिजाइन और निर्माण क्षमता को आगे बढ़ाना है। Moneycontrol Hindi

🇯🇵 जापान की E10 से क्यों हो रही तुलना?

जापान की अगली पीढ़ी की E10 Shinkansen ट्रेनें 2030 के आसपास उत्पादन में आने की योजना से जुड़ी हैं। भारतीय योजना में B35 को इसी समय-सीमा में 350 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी ट्रेन के रूप में विकसित करने की बात सामने आई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों ट्रेनें हर तकनीकी पहलू में समान होंगी। JTTRI

🛤️ मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर बनेगा बड़ा आधार

508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 350 किमी/घंटा रखी गई है, जबकि परियोजना के लिए अधिकतम परिचालन गति 320 किमी/घंटा बताई गई है। केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में भी इस कॉरिडोर को भारत के भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए एक मानकीकृत आधार के रूप में बताया था। Press Information Bureau

भारत इसके साथ अपना Bharat Train Control System (BTCS) विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ट्रेन की गति, ट्रेनों के बीच दूरी और सुरक्षा जैसे पहलुओं के नियंत्रण में स्वदेशी तकनीक की भूमिका बढ़ाना है। Jagran

🚄 2030 का लक्ष्य क्यों महत्वपूर्ण?

अगर B35 योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो भारत के पास 350 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक होगी। यह मौजूदा B28 कार्यक्रम से आगे का चरण होगा और भविष्य के हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए घरेलू ट्रेनसेट विकसित करने की क्षमता बढ़ा सकता है।

फिलहाल B35 एक विकास-लक्ष्य/योजना है, जबकि B28 का निर्माण और परीक्षण अधिक ठोस कार्यान्वयन चरण में है। इसलिए 2030 तक B35 के वास्तविक परिचालन में आने को अभी भविष्य की योजना के रूप में देखना उचित है।


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