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Blinkit, Instamart और Amazon Now से सामान मंगाने वालों के लिए बड़ा बदलाव! FSSAI सख्त कर सकता है नियम

Blinkit, Instamart और Amazon Now से सामान मंगाने वालों के लिए बड़ा बदलाव! FSSAI सख्त कर सकता है नियम

Blinkit, Instamart और Amazon Now से सामान मंगाने वालों के लिए बड़ा बदलाव! FSSAI सख्त कर सकता है नियम

FSSAI New Rules: ऑनलाइन ग्रॉसरी मंगाने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) Blinkit, Swiggy Instamart और Amazon Now जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए नियमों को सख्त करने की तैयारी कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन बिकने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा बढ़ाना, उत्पादों की जानकारी में पारदर्शिता लाना और कंपनियों की जवाबदेही तय करना है। 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित बदलावों में उत्पाद की मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी जानकारी ऑनलाइन दिखाने पर जोर दिया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

आजकल लोग दूध, दही, फल, सब्जियां, स्नैक्स और पैकेज्ड फूड जैसी रोजमर्रा की चीजें घर बैठे मंगाने के लिए क्विक कॉमर्स ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। ये प्लेटफॉर्म कम समय में सामान पहुंचाने का दावा करते हैं, लेकिन ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ग्राहक को उत्पाद की पूरी जानकारी आसानी से न मिलना खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंता बन सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए FSSAI ऑनलाइन खाद्य कारोबार के लिए नियमों को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार कर रहा है। FSSAI के CEO राजित पुनहानी के मुताबिक, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों के साथ इस विषय पर बातचीत की गई है। नियामक नियमों में संशोधन करके ग्राहकों को खाद्य उत्पादों की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि ये प्रस्तावित बदलाव हैं। इन्हें अंतिम रूप दिए जाने और लागू होने की तारीख को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।

1. ऑनलाइन दिखानी पड़ सकती है मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट

प्रस्तावित नियमों में सबसे अहम बदलाव खाद्य उत्पादों की जानकारी से जुड़ा है। इसके तहत ऑनलाइन लिस्टिंग पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी जानकारियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

इससे ग्राहकों को ऑर्डर करने से पहले उत्पाद के बारे में बेहतर जानकारी मिल सकेगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति दूध, दही, बिस्कुट या पैकेज्ड स्नैक्स खरीद रहा है, तो वह उत्पाद की तारीख और अन्य विवरण देखकर ज्यादा सोच-समझकर फैसला कर सकेगा।

फिलहाल कई ग्राहकों को ऐप पर उत्पाद की शेल्फ लाइफ या इस्तेमाल की अंतिम तारीख से जुड़ी जानकारी ढूंढने में परेशानी हो सकती है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य इस समस्या को कम करना है।

2. Blinkit, Instamart और Amazon Now की जवाबदेही बढ़ सकती है

FSSAI का ध्यान केवल खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भूमिका पर भी है। यदि किसी उत्पाद के बारे में भ्रामक दावा किया जाता है या उसकी जानकारी सही तरीके से नहीं दी जाती, तो ऐसी स्थिति में प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी तय करने के लिए नियमों को मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है।

इसका मतलब यह है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उत्पादों की जानकारी, लेबल और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन पर अधिक निगरानी हो सकती है।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी भी शिकायत पर प्लेटफॉर्म अपने आप दोषी माना जाएगा। किसी मामले में कार्रवाई संबंधित नियमों, जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगी।

3. डार्क स्टोर और क्लाउड किचन भी निगरानी के दायरे में

क्विक कॉमर्स कंपनियां आमतौर पर छोटे-छोटे स्टोरेज केंद्रों से ऑर्डर तैयार करके ग्राहकों तक पहुंचाती हैं। इन केंद्रों को डार्क स्टोर कहा जाता है। यहां से सामान उठाकर पैक किया जाता है और डिलीवरी के लिए भेजा जाता है।

FSSAI ऐसे स्टोरेज केंद्रों की जांच पर भी जोर दे रहा है। जांच में खाद्य सामग्री को रखने की परिस्थितियां, साफ-सफाई और उचित तापमान जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा सकता है। खासकर फ्रोजन फूड जैसे उत्पादों के लिए सही तापमान बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, क्लाउड किचन से जुड़ी जानकारी और निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है। क्लाउड किचन ऐसे किचन होते हैं, जहां से मुख्य रूप से ऑनलाइन ऑर्डर के लिए खाना तैयार किया जाता है।

4. नियमों का उल्लंघन होने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

FSSAI ने हाल के महीनों में ऑनलाइन खाद्य कारोबार पर अपनी निगरानी बढ़ाई है। सितंबर 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, Amazon, Swiggy Instamart, BigBasket, Flipkart India और Zepto जैसी कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग नियामकीय उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई शुरू की गई थी।

रिपोर्टों में गलत ब्रांडिंग, भ्रामक उत्पाद दावों और कुछ प्रतिबंधित खाद्य वस्तुओं की बिक्री या लिस्टिंग जैसे मामलों का उल्लेख किया गया है।

ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत जांच और कार्रवाई हो सकती है। प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खाद्य उत्पादों की जानकारी सही हो और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि नियामकीय कार्रवाई शुरू होने का मतलब हर मामले में अंतिम दोष सिद्ध होना नहीं है।

5. ग्राहकों को क्या फायदा हो सकता है?

यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो ऑनलाइन ग्रॉसरी खरीदने वाले ग्राहकों को कई फायदे मिल सकते हैं।

उत्पाद की बेहतर जानकारी: मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर जैसी जानकारियां देखने में आसानी हो सकती है।

सोच-समझकर खरीदारी: ग्राहक उत्पाद की तारीख और विवरण के आधार पर खरीदने का फैसला कर सकेंगे।

भ्रामक दावों पर लगाम: उत्पादों के बारे में गलत या अप्रमाणित दावों पर निगरानी मजबूत हो सकती है।

भंडारण की बेहतर जांच: खाद्य पदार्थों को उचित परिस्थितियों में रखने पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है।

जवाबदेही में सुधार: नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था मजबूत हो सकती है।

इन संभावित फायदों का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम नियम क्या होंगे और उन्हें कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।

6. क्या ग्राहकों को सामान महंगा मिलेगा?

नए नियमों की खबर के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ऑनलाइन ग्रॉसरी की कीमतें बढ़ सकती हैं। फिलहाल ऐसा कोई पुष्ट आधार नहीं है जिसके जरिए कहा जा सके कि प्रस्तावित नियमों के कारण ग्राहकों को सामान महंगा मिलेगा।

यदि कंपनियों को तकनीकी व्यवस्था, उत्पाद की जानकारी अपडेट करने, स्टोरेज या अनुपालन पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, तो उनके परिचालन खर्च प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन कंपनियां इस खर्च को कैसे संभालेंगी और इसका ग्राहकों की कीमतों पर कोई असर पड़ेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी को निश्चित बदलाव के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

7. ग्राहकों को अभी क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

नियमों में बदलाव की प्रक्रिया के बीच भी ग्राहक ऑनलाइन खाद्य उत्पाद खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं।

ऑर्डर करने से पहले उत्पाद का लेबल, मात्रा और उपलब्ध तारीख संबंधी जानकारी देखें।

सामान मिलने पर पैकेट की सील और उसकी स्थिति जांचें।

दूध, दही, फ्रोजन फूड और अन्य जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को उचित तापमान पर रखें।

यदि पैकेट खुला हो, उत्पाद खराब दिखे या उस पर तारीख संबंधी गंभीर समस्या हो, तो उसका इस्तेमाल न करें।

शिकायत होने पर ऐप के ग्राहक सहायता विकल्प के साथ जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से भी संपर्क करें।

क्या FSSAI के नए नियम लागू हो गए हैं?

फिलहाल उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, FSSAI ऑनलाइन खाद्य कारोबार से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर की जानकारी उपलब्ध कराने जैसे प्रस्ताव चर्चा में हैं। डार्क स्टोर और क्लाउड किचन की निगरानी भी नियामक की प्राथमिकताओं में शामिल है।

अभी इन प्रस्तावित बदलावों को पूरी तरह लागू हो चुके नए नियम नहीं समझना चाहिए। अंतिम अधिसूचना, नियमों की सटीक शर्तों और लागू होने की तारीख के लिए FSSAI की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी होगा।

निष्कर्ष

Blinkit, Instamart और Amazon Now जैसे प्लेटफॉर्म से रोजमर्रा का सामान मंगाने वाले ग्राहकों के लिए FSSAI की यह पहल महत्वपूर्ण हो सकती है। इसका मकसद ऑनलाइन खाद्य उत्पादों की जानकारी को ज्यादा पारदर्शी बनाना, खाद्य सुरक्षा पर निगरानी बढ़ाना और कंपनियों की जवाबदेही तय करना है।

यदि प्रस्तावित बदलाव प्रभावी तरीके से लागू होते हैं, तो ग्राहकों को खरीदारी से पहले उत्पाद के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है। हालांकि, अंतिम नियमों और उनके लागू होने तक स्थिति को प्रस्तावित बदलाव के तौर पर ही समझना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह खबर 13 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। नियमों से संबंधित अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए FSSAI की अधिसूचनाएं देखें।

 

Blinkit Swiggy Instamart और Amazon Now पर सख्ती की तैयारी FSSAI लाएगा नए  नियम

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