बिहार में एक इंच जमीन की दरिंदगी: पति-पत्नी और ढाई साल के मासूम को जिंदा जलाया, गांव में पसरा सन्नाटा
- byAman Prajapat
- 19 January, 2026
बिहार की मिट्टी ने बहुत कुछ देखा है — क्रांति, खेती, संघर्ष और संस्कार।
लेकिन इस बार जो हुआ, उसने इस मिट्टी को भी शर्मिंदा कर दिया।
एक इंच जमीन।
ना कोई महल, ना कोई खजाना।
बस एक इंच — और उसी के लिए एक पूरा परिवार आग में झोंक दिया गया।
🔥 घटना का दिल दहला देने वाला सच
रात का वक्त था। गांव नींद में डूबा हुआ।
उसी अंधेरे में सुलग रही थी सालों पुरानी रंजिश — जमीन को लेकर।
आरोप है कि पहले कहासुनी हुई, फिर धमकियां।
और फिर… इंसान ने इंसान होना छोड़ दिया।
पति, पत्नी और उनका ढाई साल का बेटा —
तीनों को एक साथ घर के अंदर जिंदा जला दिया गया।
ढाई साल का बच्चा।
जिसे ये भी नहीं पता था कि जमीन क्या होती है।
😶 गांव में पसरा मातम और डर
सुबह जब धुआं दिखा, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
घर राख में बदल चुका था।
और रिश्ते… हमेशा के लिए खामोश।
गांव में कोई जोर-जोर से रो नहीं रहा था।
लोग डर के मारे चुप थे।
क्योंकि आज वो परिवार था, कल कोई और भी हो सकता है।
🚔 पुलिस जांच और शुरुआती कार्रवाई
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
जमीन विवाद को ही मुख्य कारण माना जा रहा है।
कुछ संदिग्धों से पूछताछ चल रही है।
लेकिन गांव वालों का कहना है —
“साहब, यहां सच्चाई बोलने से पहले सौ बार सोचना पड़ता है।”
⚖️ कानून और सिस्टम पर सवाल
ये पहली घटना नहीं है।
और अगर सच बोला जाए — शायद आखिरी भी नहीं।
बिहार ही नहीं, पूरे देश में
जमीन के नाम पर खून बहना अब आम बात बनती जा रही है।
सवाल ये नहीं कि आरोपी पकड़े जाएंगे या नहीं।
सवाल ये है कि
क्या एक इंच जमीन की कीमत तीन जिंदगियों से ज़्यादा है?
🕯️ एक मासूम का सवाल
ढाई साल का बच्चा कोई बयान नहीं दे सकता।
लेकिन उसकी खामोशी बहुत कुछ पूछती है।
उसने ना कोई जमीन मांगी थी,
ना कोई लड़ाई।
फिर भी उसे आग के हवाले कर दिया गया।
ये सिर्फ हत्या नहीं थी।
ये इंसानियत की सार्वजनिक फांसी थी।
📢 समाज को आईना दिखाती घटना
जब जमीन रिश्तों से बड़ी हो जाए,
जब लालच इंसानियत पर भारी पड़ जाए,
तो फिर कानून सिर्फ कागज रह जाता है।
इस घटना ने पूरे सिस्टम को आईना दिखाया है —
प्रशासन को, समाज को और हम सबको।
✍️ अंत में
पुराने लोग कहते थे —
“धरती मां होती है।”
आज उसी धरती के लिए
एक मां, एक पिता और एक मासूम को जला दिया गया।
अगर अब भी हम नहीं जागे,
तो अगली आग किसी और के आंगन में लगेगी।
और तब… शायद बोलने वाला भी कोई नहीं बचेगा।
Note: Content and images are for informational use only. For any concerns, contact us at info@rajasthaninews.com.
राजस्थान में अपराधों...
Related Post
Hot Categories
Recent News
Daily Newsletter
Get all the top stories from Blogs to keep track.








