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मिसाइलों से नहीं, समुद्र के नीचे ‘कैंची’? क्या ईरान हॉर्मुज की गहराई से दुनिया के इंटरनेट को कर सकता है प्रभावित

मिसाइलों से नहीं, समुद्र के नीचे ‘कैंची’? क्या ईरान हॉर्मुज की गहराई से दुनिया के इंटरनेट को कर सकता है प्रभावित

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नई चिंता सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो केवल मिसाइल या युद्धपोत ही नहीं, बल्कि समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल भी वैश्विक संकट का कारण बन सकती हैं। खास तौर पर Strait of Hormuz के आसपास समुद्र के भीतर कई अहम कम्युनिकेशन केबल गुजरती हैं, जिनके जरिए एशिया, यूरोप और मध्य-पूर्व के बीच इंटरनेट और डेटा ट्रैफिक चलता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनिया के ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कनेक्शन समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबल के जरिए चलते हैं। यदि किसी वजह से इन केबलों को नुकसान पहुंचता है, तो कई देशों में इंटरनेट स्पीड धीमी हो सकती है या कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से बंद भी हो सकती हैं।

मौजूदा हालात में Iran और पश्चिमी देशों के बीच तनाव की चर्चा के साथ यह सवाल उठ रहा है कि क्या समुद्र के नीचे मौजूद इस नेटवर्क को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि ऐसा कदम उठाना बेहद बड़ा और जोखिम भरा होगा, क्योंकि इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था और संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

हॉर्मुज स्ट्रेट सिर्फ तेल व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि डिजिटल कनेक्टिविटी के लिहाज से भी अहम क्षेत्र माना जाता है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन केबलों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जाती है।

विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा समय में ऐसी खबरों और दावों को सावधानी से देखने की जरूरत है, क्योंकि अभी तक किसी भी आधिकारिक स्रोत ने समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन यह जरूर सच है कि आधुनिक दौर में समुद्री मार्गों के साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी वैश्विक रणनीति का हिस्सा बन चुका है


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