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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में करियर गाइडेंस पर जोर, शिक्षकों को मिलेगी विद्यार्थियों को सही दिशा देने की ट्रेनिंग

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में करियर गाइडेंस पर जोर, शिक्षकों को मिलेगी विद्यार्थियों को सही दिशा देने की ट्रेनिंग

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में करियर गाइडेंस पर जोर, शिक्षकों को मिलेगी विद्यार्थियों को सही दिशा देने की ट्रेनिंग

पूरी खबर

जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ भविष्य के करियर विकल्पों की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग पहले से ही कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए करियर शिक्षा और मार्गदर्शन कार्यक्रम संचालित करता रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों को करियर की जानकारी, मार्गदर्शन, परामर्श और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन जैसी गतिविधियों से जोड़ने का प्रावधान है।

करियर गाइडेंस का उद्देश्य विद्यार्थियों को 10वीं और 12वीं के बाद उपलब्ध अलग-अलग शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकल्पों की जानकारी देना है, ताकि वे अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार आगे की पढ़ाई के बारे में बेहतर जानकारी हासिल कर सकें।

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार, राज्य के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन गतिविधियों का वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया गया है। इन गतिविधियों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

शिक्षकों की भूमिका अहम

स्कूल स्तर पर करियर गाइडेंस को प्रभावी बनाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल आधारित पाठ्यक्रमों और रोजगार से जुड़े विकल्पों की सामान्य जानकारी उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को इस दिशा में तैयार किया जा सकता है।

इसका फायदा खास तौर पर उन विद्यार्थियों को मिल सकता है जिन्हें 10वीं या 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं होती। सही समय पर उपलब्ध कराई गई जानकारी विद्यार्थियों को अलग-अलग विकल्पों को समझने में मदद कर सकती है।

10वीं और 12वीं के बाद बढ़ते हैं विकल्प

कक्षा 10वीं के बाद विद्यार्थियों के सामने अलग-अलग स्ट्रीम और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विकल्प आते हैं। वहीं 12वीं के बाद उच्च शिक्षा, प्रोफेशनल कोर्स, प्रतियोगी परीक्षाओं और कौशल आधारित शिक्षा के कई रास्ते खुलते हैं।

ऐसे में स्कूल स्तर पर करियर संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने का उद्देश्य केवल किसी एक करियर की सलाह देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उपलब्ध विकल्पों और आवश्यक योग्यताओं से परिचित कराना है।

राजस्थान में शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल, नेतृत्व, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता विकसित करने के लिए भी PRABAL जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार 2026-27 में इसके तहत स्कूल से राज्य स्तर तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

विद्यार्थियों को क्या फायदा होगा?

करियर गाइडेंस गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमताओं को समझने, अलग-अलग शैक्षणिक विकल्पों की जानकारी लेने और भविष्य की पढ़ाई के लिए योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, शिक्षकों के प्रशिक्षण की सटीक तारीख, प्रशिक्षण मॉड्यूल और किन शिक्षकों को शामिल किया जाएगा, इसकी जानकारी के लिए संबंधित शिक्षा विभाग के नवीनतम आधिकारिक आदेश को देखना जरूरी है। उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज में राज्य के कक्षा 9-12 विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का प्रावधान स्पष्ट है।


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